हृदय-परिवर्तन – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

     ” अरी सुनीता…कहाँ मर गई…कोई काम कहो तो उसी में घंटों बिता देती है महारानी…।” बाथरूम में कपड़ों का ढ़ेर देखकर राजेश्वरी अपनी ननद की बेटी पर चिल्लाई।    ” बस..अभी आई मामी…छत पर…।” सुनीता अपनी बात पूरी कर पाती कि राजेश्वरी की आँखें गुस्से-से लाल हो उठीं,” मामी की बच्ची, कपड़े क्या तेरा बाप धोयेगा।समझी..तो … Read more

सौभाग्यवती भवः – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“नहीं, वह नहीं लगवायेगी।आप जाइए।” यह कहकर जैसे ही रूद्र दरवाजा बंद करके घर के अंदर आया, उसके कानों में गौरी की आवाज आई। वह बेहद ही धीमे और कमजोर स्वर में पूछ रही थी “ऐ जी, कौन आया था?” “मेहंदी लगाने वाली दीदी आई थी। मैंने मना कर दिया है। तुम आराम करो।” “अरे,यह … Read more

सौभाग्यवती भव : – समिता बड़ियाल : Moral Stories in Hindi

रूपा ने आज सुबह काकी के पैर छुए तो काकी के मुँह से निकला सौभाग्यवती भव : . रूपा की ऑंखें भर आयीं : काहे की सौभाग्यवती अम्मा , वो तो चले गए ?? कहकर रूपा रो पड़ी। काकी ने उसे उठाकर अपने पास बिठा लिया। तू जानती है सौभाग्यवति का मतलब क्या होता है … Read more

निर्णय तो लेना ही पड़ेगा ,कब तक आत्मसम्मान खोकर जियोगी – आरती द्विवेदी : Moral Stories in Hindi

आकाश  की ओर बिखरे बादलों के पीछे सूरज धीरे-धीरे डूब रहा था। कमरे की खिड़की से यह दृश्य साफ़ दिखाई दे रहा था, मगर समिधा के मन में कहीं एक अंधकार गहरा होता जा रहा था। उसके सामने रखा चाय का कप ठंडा हो चुका था, जैसे उसकी ज़िन्दगी भी ठंडी पड़ गई हो। यह … Read more

अभागन बनी सौभाग्यवती : गीता चौबे गूँज  : Moral Stories in Hindi

  ”अरे कुलक्षिणी! कहाँ मर गयी… कब से चाय माँग रही हूँ… पता नहीं कब यह मनहूस इस घर से जायगी! जन्म लेते ही माँ को खा गयी और महीने भर बाद बाप को…” आए दिन रूपा की चाची रूपा पर इस तरह के व्यंग्य-बाण बरसाती रहती।    रूपा को अपना असली नाम तो याद ही नहीं … Read more

औलाद हो तो ऐसी – पूजा शर्मा  : Moral Stories in Hindi

मोहिनी।कल गांव से मां और पिताजी आ रहे हैं हमारे पास कुछ दिन के लिए रहने,, इस बार मैं उन दोनों को वापस गांव जाने नहीं दूंगा पूरे 2 साल में आ रहे हैं  अपने बेटे के घर हम भी केवल चार-पांच दिन के लिए ही इस बीच में घर जा पाए हैं । कह … Read more

मुझे माफ़ कर दो – समिता बड़ियाल  : Moral Stories in Hindi

माँ, मैं और अविनाश आ रहें हैं आज आपके पास, हनीमून से वापिस आई रोहिणी चहकती हुई अपनी माँ से बोली |मगर दूसरी तरफ़ से सिर्फ ठीक है सुनकर उसका उत्साह थोड़ा कम पड़ गया | शादी के बाद पहली बार वो अपने पति के साथ मायके आ रही थी , लेकिन उसकी माँ को … Read more

सौभाग्यवती बनी रहो – अर्चना खंडेलवाल  : Moral Stories in Hindi

“मम्मी, मुझसे ये रोज-रोज साड़ी नहीं बंधती है, पर मम्मी जी की जिद है कि जब तक दादी जी गांव नहीं चली जाती, मुझे साड़ी पहननी है, ये भी कोई बात हुई, मम्मी जी भी ना कितने पुराने विचारों की है, मुझे तो लगा था कि मुझे मॉर्डन सास मिली है, नव्या शिकायती लहजे में … Read more

अखंड सौभाग्यवती भव… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

मीरा ने अपना बचपन नानी की गोद और ममहर की गलियों में ही बिताया था…  पापा के गुजर जाने के बाद… मां नन्ही मीरा को लेकर अपने मायके ही आ गई थी…  उसके बाद से मीरा के लिए वही घर अपना घर… बस वही लोग अपने लोग… हो गए थे…  नानी मां ने… कभी भी … Read more

अहंकार – चम्पा कोठारी : Moral Stories in Hindi

सुधा के दो बेटे है। पति राजेश सरकारी नौकरी में छोटे छोटे कस्बों, शहरों में अधिकतर तैनात रहे।  बच्चों को अपने साथ ही रखा। दोनों ने बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए कोई कोर कसर नही रखी। यूँ तो दोनों पति पत्नी साधारण परिवारों से थे। परन्तु बेटों के  बचपन से ही  पढ़ाई में मेधावी … Read more

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