नयी दिशा – सरोज देवेश्वर : Moral Stories in Hindi

माँ ओ माँ कहाँ हों?  सुधा ने लगभग चिल्लाते हुए घर में प्रवेश किया. पसीने से लतपथ , भूख से बेहाल सीधे  रसोई की तरफ मुडी ही थी कि  सामने से अचार का मर्तबान हाथ में पकडे आती हुई ताईजी के साथ टकराई और मर्तबान उनके हाथ से छूट जमीन पर गिर टुकड़े टुकड़े हों … Read more

और इन्तजार खत्म हुआ – सरोज देवेश्वर : Moral Stories in Hindi

आज का दिन भी बीत गया, दिन के उजाले को शाम निगलने लगी थी. कोहरा दिन भर के लिये न जाने कहाँ खो जाता है और सूरज के अस्त होते ही नीड में लौटते पक्षियों की तरह पूरी बस्ती पर लौट आता है. ठंड की वजह से लोग शाम होते ही अपने घरों में दुबक … Read more

रिश्तो में बढ़ती दूरियां – नीलम शर्मा  : Moral Stories in Hindi

सुन, सुन, सुन अरे दीदी सुन, तेरे लिए एक रिश्ता आया है। रिया को जब से पता चला था कि उसकी दीदी को लड़के वाले देखने आ रहे हैं। यही फिल्मी गाना गा, गा कर अपनी दीदी सीमा को  चिढ़ा रही थी।  यह है रमाकांत जी की दो बेटियां रिया और सीमा। दोनों एक दूसरे … Read more

ये दूरियाँ – डॉ ऋतु अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

   पुष्पा आज अकेली कमरे में बैठी थी। कहने को चार संताने थीं उसकी पर आज कोई झूठे मुँह भी उससे यह नहीं पूछता था कि माँ तुम कैसी हो। बस उसकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु कभी नौकर या कोई बहू पल भर को आते थे। खाना- नाश्ता, फल, दूध इत्यादि रखकर फ़ौरन ही चले … Read more

रिश्तों में बढ़ती दूरियाँ – डाॅ संजु झा: Moral Stories in Hindi

कथानायिका विमला की कहानी  करीब पचास-साठ वर्ष  पूर्व की है।उस समय समाज में नारी की स्थिति अत्यधिक दयनीय  थी।उसे अपनी इच्छा और भावनाओं को व्यक्त करने का कोई अधिकार नहीं था। परिवार  के लिए बस वह एक कठपुतली  मात्र थी।विमला अपने सभी भाई-बहनों में छोटी थी,इस कारण घर में सबकी लाडली थी।विमला देखने में अत्यधिक … Read more

जिम्मेदारी कभी खत्म नहीं होगी – हेमलता गुप्ता: Moral Stories in Hindi

हां तो गायत्री बहन क्या सोचा फिर आपने.. चलने के बारे में! देखिए.. ज्यादा दिन की बात नहीं है सिर्फ दो दिन का टूर है हम रात को यहां ट्रेन से जाएंगे सुबह पहुंच जाएंगे अगले दिन रात की ट्रेन से चलेंगे उसके अगले दिन यहां वापस आ जाएंगे, इतना अच्छा  मौका मिल रहा है … Read more

अनाम रिश्ता – डॉ रश्मि शील : Moral Stories in Hindi

‘दीदी, समझ में नहीं आ रहा, कैसे कहूँ, अब तुम ही माँ को संभालो ।’ लक्ष्य की बातों में तल्खी थी। ‘क्या हुआ उन्हें ? अभी कल ही तो मेरी बात हुई है उनसे, तब तो ठीक थीं, मैंने पूछा ‘अरे, उन्हें कुछ नहीं हुआ, उन्होंने तो हम लोगों का जीना हराम कर दिया है, … Read more

अलग सा रोमांच – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  रामेश्वर दयाल जी के लिये यह झटका कोई कम नही था,उनके जैसे जीवट वाला व्यक्ति न होता तो उन्हें हार्ट अटैक ही हो जाता।66 वर्ष की उम्र में 35 वर्षीय बेटे तरुण की कोरोना में मृत्यु हो जाना,एक असहनीय दर्द था।32 वर्षीय उनकी बहू रागिनी और 8 वर्षीय पोते दीप का चेहरा उनके सामने से … Read more

सोने के कंगन – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

मुग्धा, विवाह की पहली वर्षगाँठ की बहुत बहुत बधाई! आज मैंने दफ़्तर से छुट्टी ली है, चलो कहीं बाहर घूम कर आएँगे और खाना भी बाहर ही खाएँगे । अरे हाँ, माँ ने विशेष रूप से कहा है कि तुम्हारी मनपसंद कोई उपहार भी दिलवा दूँ, बताओ … क्या चाहिए? आपने कह दिया तो समझो … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

बिगड़े हालात – मंजू ओमर राघव की तबीयत ठीक नहीं चल रही थी। उसका पीलिया बिगड़ गया था।और लोकल डाक्टरों के कंट्रोल से बाहर हो गया था। डाक्टर दिल्ली ले जाने की सलाह दे रहे थे ‌‌।हालत ठीक न होने पर दिल्ली ले जाना जरूरी था । लेकिन राघव के घर के हालात ऐसे नहीं … Read more

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