छोटी बहू – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

” विगत का सोचती हूँ तो एक सलाम खुद के लिये बनता है, “पीछे कुछ आवाजें अभी भी कानों में शोर मचाती हैं। “हमारी ही किस्मत खराब थी जो ऐसी बालिका वधु से पाला पड़ा, माँ ने कुछ सिखाया नहीं, और मुझे इस बहू के आने से भी आराम नहीं, ऊपर से बच्चों की तरह … Read more

पैसे का गुरुर – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

“हेलो शुभी आज ऋचा दीदी का फ़ोन आया था वो लोग यहाँ आए हुए हैं। शाम को अपने घर आएंगे। नाश्ते की तैयारी करके रखना। इसलिए तुम्हें फोन किया।” रोहन अनमने मन से बोला  “ठीक है जी।” कहकर शुभी ने फोन रख दिया।  ऋचा दीदी के आने की खबर सुनकर शुभी को बड़ा आश्चर्य हुआ … Read more

जीत विश्वास और समर्पण की – बीना शर्मा  : Moral Stories in Hindi

सुकन्या अपने पापा के साथ भरी पंचायत में खड़ी होकर अपने पति श्रीधर का इंतजार कर रही थी। वह मन ही मन सोच रही थी यदि श्रीधर ने उसे अपनाने से इंकार कर दिया तो उसका क्या होगा? यदि वह उससे किए वादे से मुकर गया तो उसके विश्वास और समर्पण का क्या होगा? इसी … Read more

भुक्तभोगी – अर्चना सिंह  : Moral Stories in Hindi

तूलिका सुबह से तरह – तरह के व्यंजन बनाने में लगी थी । यूँ तो दिल से बुरी नहीं थी वो पर ससुराल वालों के पुराने व्यवहार की टीस उसे कभी – कभी बुरा बनने पर मजबूर कर देती थी । आज तूलिका की सासु माँ पूर्णिमा जी और अविवाहित ननद कृति आने वाले थे … Read more

प्रायश्चित – सरोज देवेश्वर : Moral Stories in Hindi

आज बेटी पराई हो जाएगी. ये सोचकर सुधा कुछ उदास सी हो गई. वो दिल का टुकड़ा जिसे रात रात भर जागकर पाला. कितनी कमजोर थी. डॉक्टर ने भी उसके पैदा होने  पर कोई  संतोषजनक उत्तर नहीं दिया था. फिर भी उसनेआशा नहीं छोड़ी थी. डॉक्टर्स की दी हिदायतों का अक्षरशः पालन  किया. वसुधा के … Read more

वैंटीलेटर – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

कमरे में धीमी रौशनी वाला बल्ब जला हुआ था। सामने की दीवार पर एक बत्तीस इंच का एल ई डी टीवी टंगा था जो इस समय बंद था। दायीं तरफ की खिड़की पर एक कूलर धीमी गति से ठंडी हवा फेंक रहा था। बाईं तरफ की दीवार से सटा हुआ एक दीवान था जिसपर एक … Read more

जुड़ाव से अलगाव तक – शिव कुमारी शुक्ला    : Moral Stories in Hindi

माधवी जी अभी अभी अपनी भतीजी यानी कि जेठजी की लड़की की शादी  से लौटीं थीं। उनका मन बड़ा ही खिन्न था कारण वहां पर जो व्यवहार उनके एवं उनके परिवार के साथ किया गया वह अत्यंत दुखद एवं नकारात्मक था।परायों की तरह किया गया व्यवहार उन्हें अन्दर तक कचौट गया। उनका घर करीब पन्द्रह … Read more

जिम्मेदारी कभी खत्म नहीं होगी – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

लता घर का सारा काम ख़त्म करके अपने कमरे में खिड़की के पास उदास बैठी हुई थी । दो दिन पहले ही वह हैदराबाद से वापस आई थी । उसे अपने कमरे में इस तरह से खिड़की के पास बैठना बहुत ही अच्छा लगता है । उसी समय फ़ोन की घंटी बजी अभी कौन हो … Read more

सिर्फ बहु से ही बेटी बनने की उम्मीद क्यों’ – रंजना कुमारी   : Moral Stories in Hindi

कल ऋचा के छोटे देवर की शादी है और आज सुबह सुबह ऋचा अपने पति और बच्चों के साथ ससुराल पहुंची है। दो मिनट नहीं हुए थे  बैठे हुए कि सासू मां ने कहा आज व्रत में रहकर पूजा के लिए खीर , दाल वाली पूरियां , ठेकुआ, लड्डू सब तुम बना लोगी। उसने हां … Read more

बहुत व्यस्त हूं !! – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

अगले महीने विजय काका के बेटे विपिन की शादी है तुम्हे याद है ना .. ऑफिस से आते ही निशीथ ने प्रियल से कहा जो  कॉलेज से आते ही लैपटॉप लेकर बैठ रही थी। अगले महीने.!! नो निशीथ मैं बहुत व्यस्त हूं अगले महीने कॉलेज के सेमेस्टर एग्जाम हैं और मैं एग्जाम सुपरिटेंडेंट हूं मेरा … Read more

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