“आँगन की छाँव”
शिखा अपनी माँ की बात सुनकर सन्न रह गई। उसे पहली बार एहसास हुआ कि मायका सिर्फ बेटियों के आरामगाह का नाम नहीं है। उसे याद आया कि कैसे पिछली बार उसने अंजलि को कितना परेशान किया था। सुमित्रा देवी ने बहुत ही शांति से अपनी बेटी को जीवन का एक बहुत बड़ा पाठ पढ़ा … Read more