*निःशब्द त्याग* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi
जानकी, तुम?कितने बरस बाद दिखाई दी हो? कहाँ खो गयी थी? नही-नही, मुझे तुमसे यह पूछने का अधिकार नही है,मैं ही कायर निकला, तुम नही खोयी थी,मैंने ही तुम्हे खोया था। बीती बात छोड़ो रमेश,बताओ तुम कैसे हो?तुम्हारी गृहस्थी कैसी चल रही है? रमेश और जानकी में होश संभालते ही परस्पर आकर्षण पैदा हो गया … Read more