स्नेहसूत्र – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

 मायका ! इस नाम का एहसास ही इतना सुखद होता है न कि नाम सुनते ही अधरों पर मुस्कान और दिल में एक उमंग छा जाती है । पर कविता की किस्मत विधाता ने जाने किस कलम से रची थी। उसके  हिस्से में शादी के बाद कभी मायका सुखद एहसास लेकर आया ही नहीं । … Read more

*बबूल का पेड़* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

   हैलो-हैलो-मैं कुसुम बोल रही हूं।    हाँ-हाँ, बहन जी मैं रमेश हूं, क्या बात है,आप बड़ी घबराई प्रतीत हो रही हैं?        भाईसाहब आप तुरंत आ जाइये,वीरेंद्र जी को शायद हार्ट अटैक आया है,उन्हें होस्पिटल लेकर जाना है।           रमेश जी तुरंत ही अपनी कार निकाल कर बाहर खड़ी की,और पड़ोस में ही रहने वाले वीरेंद्र जी के … Read more

संयम – कमलेश राणा : Moral Stories in Hindi

राखी का विवाह जिस घर में हुआ वह मॉडर्न विचारों वाले लोग थे उसने तो कभी सोचा भी नहीं था कि उसे ऐसा परिवार मिलेगा।न घूमने- फिरने पर कोई पाबंदी थी और न ही सोने, खाने,पहनने पर कोई रोक थी। उसकी सास कहने से पहले ही उसके लिए सब सामान ला देतीं और यश तो … Read more

संयुक्त परिवार – नेकराम : Moral Stories in Hindi

मैं ,,,, ई रिक्शा में बैठते हुए ड्राइवर से बोला — मुझे मुखर्जी नगर जाना है  वहां पर एक सिगनेचर अपार्टमेंट है बस उसी के गेट के सामने मुझे उतार देना ई रिक्शा वाले ड्राइवर ने बताया वहां के तो पूरे 40 रूपए लगेंगे ,, मैंने उसकी बातें सुनकर कहा , आप चिंता मत कीजिए … Read more

चोट – बिना शर्मा : Moral Stories in Hindi

“जब देखो मुझसे बाहर चलने के लिए कहते रहते हो मैंने कहा ना बेटे की शादी से तो मैं फारिग हो गई बस बेटी की शादी और हो जाए उसके बाद मैं आपके साथ फुर्सत से घूमने जाऊंगी” कौशल्या ने अपने पति किशोर से कहा तो किशोर मुस्कुराते हुए बोले “भाग्यवान मुझे तुम्हारी यही बात … Read more

मानू चला गया – प्रियंका सक्सेना : Moral Stories in Hindi

मानू जब घर में आया तो घर में मानो बहार आ गई, हो भी क्यों नहीं? वासंती जी और रवींद्र जी के बड़े बेटे अमित की पहली संतान जो था। कविता भी अपने बेटे को सास-ससुर और देवर सुनील के द्वारा मानू को हाथों-हाथ रखने से बहुत खुश थी। मानू को पलकों में सहेज कर … Read more

“पश्चाताप” – सुनीता माथुर : Moral Stories in Hindi

अंश तुम मेरा कल ट्रेन का टिकट करवा दो सुना तुमने,   मैं शाजापुर अपने घर जाना चाह रही हूं यह कहकर राधिका जल्दी-जल्दी अपना सामान पैक करने लगी अंश बोला मां आप अकेली क्या करोगी , नहीं बेटा मैं अब अपना अपमान नहीं सह सकती तुम्हारी बहू सुष्मिता मुझे बात-बात पर ताने मारती है … Read more

पछतावे के आंसू – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in Hindi

प्रणव जी रिटायर्ड प्रिंसिपल एवं कावेरी जी भूगोल की प्रोफेसर थी। अपने इकलौते पुत्र रुद्र की नौकरी लगने के बाद रुद्र के विवाह के सपने सजाने लगी। उन्हें एक बेटी की बहुत चाहत थी लेकिन वह मंशा पूरी न हो सकी।  सोचा बेटे के विवाह के उपरान्त बेटी की इच्छा भी पूरी हो जाएगी। बहू … Read more

चार दिन की चाँदनी – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

बाबूल की दूआए लेती जा जा तुझको सुखी संसार मिले भावविभोर करती …सामने के घर में जहां कल कितनी रौनक थी आज बेटी की विदाई की तैयारी शहनाई वादन की मधुर धुन मन को विचलित कर रही थी। अपनी बाल्कनी में खड़ी मयूरी शादी की रौनक भीड़ भाड़ देख रही आज उसका मन पहले से … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

# अपना पराया – दीपा माथुर नागफनी आज दूब से अकड़ कर बोली ;” मुझे लोग शोक  से सजाते है। तुम्हारी तरह बाहर पटक कर नहीं रखते नम्रता की मूरत बनी फिरती हो? जोर से झटक कर बोली” हु” दूब मुस्कुरा कर कहने लगी ;” बहन मैं अपना पराया नहीं जानती जो मेरे पास आता … Read more

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