तर्क – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

गेट की आवाज सुन कर उन्होंने बाहर झांका। रज्जो ही थी। रज्जो ने चुपचाप झाड़ू उठाया और ड्राइंगरूम से झाड़ू लगाना शुरू कर दिया। ‘यह क्या  रज्जो ! न नमस्ते,न दुआ-सलाम और सीधे ड्राइंग रूम से सफाई शुरू ? तुझे कितनी बार समझाया है कि हमारे कमरे से सफाई शुरू किया कर,लेकिन तुझे समझ ही … Read more

एक फैसला आत्मसम्मान के लिए – वीणा सिंह   : Moral Stories in Hindi

सोचा महिला दिवस की शुरुआत घर के नजदीक खुले वृद्धाश्रम में जाकर उनलोगों को कुछ पसंद का खिला कर, थोड़ा वक्त उनके साथ गुजार कर क्यों न किया जाए… सुबह की चाय पीकर नाश्ते के पैकेट के साथ निकल गई वृद्धाश्रम.. अक्सर जाते रहने के कारण सब से पहचान सी हो गई थी… मेरे जाते … Read more

एक फैसला आत्मसम्मान के लिए  : Moral Stories in Hindi

  बहू  कल मेरा नाश्ता भी नितिन के साथ ही बना देना। मैं भी उसके साथ दुकान पर जाऊँगा। बहुत दिन हो गए घर में आराम करते हुए। घर से बाहर जाऊँगा तो सबसे मिलना-जुलना भी हो जाएगा। जी पापा जी ठीक है, उनकी बहू मिताली ने कहा। रात को जब सारा काम निपटाकर वह कमरे … Read more

खुद की इज्ज़त करना सीखो – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

आप लोगों को एक सुझाव देना चाहती हूं, पता है आजकल शादी का लहंगा किराए पर मिल जाता है। जिससे हजारों रुपए की बचत हो जाती है और उसे हम शादी के अलग कामों में खर्च कर सकते हैं। वैसे भी शादी तो होनी अलग साड़ी में ही है, लहंगा तो बस कुछ देर के … Read more

पत्नी के विश्वास को टूटने नहीं दूंगा – शिव कुमारी शुक्ला  : Moral Stories in Hindi

ऑफिस से लौट कर विनय जैसे ही घर में घुसा कि मां की चिल्लाहट सुनकर वहीं ठिठक कर खड़ा हो गया। मां जोर-जोर से चिल्ला कर साक्षी को बेइंतहा लताड़े जा रहीं थीं और साक्षी चुपचाप सिर झुकाए खड़ी थी उसकी आंखों से आंसू निकल गालों पर बह रहे थे।अरी करमजली मेरी ही मति पर … Read more

बड़ी बहू – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

आज बड़ी बहू , बड़ी बहू कहने वाली मांजी ने आंखें मूंद लीं है ।अब कौन कहेगा मुझको बड़ी बहू ,कौन समझाएगा मुझे मेरी जिम्मेदारियां,कौन कहेगा बड़ी बहू तुम घर की सबसे बड़ी बहू हो सबकुछ तुम्हें भी देखना है । सोच सोच कर सास के पार्थिव शरीर के पास बैठी शारदा के आंसू नहीं … Read more

एलीमोनी: हक़ या जुरमाना – सुमन पुरोहित : Moral Stories in Hindi

बड़े दिनों बाद मिले देव और उसका दोस्त प्रियांश, देव के घर पर सोफे पर बैठे गप्पे मार रहे थे, तभी टीवी पर एक सेलिब्रिटी कपल के डाइवोर्स की खबर सुनते ही बातों का रुख उस ओर मूड गया…… देव ने कहा “आज कल का तो फैशन ही बन गया हैं, पहले अच्छे खासे पैसे … Read more

अपने लिए जीना सीख लिया – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

रेलवे स्टेशन पर बैठी सुलभा जी बार बार यही सोच रही थी क्या जो कदम मैंने उठाया वो सही है…. या फिर मैं कुछ गलत कर रही हूँ… विवेक मेरा ही तो बेटा है फिर उसे ऐसे छोड़ कर कैसे जा सकती हूँ…. सुलभा जी की मनःस्थिति कुछ भी समझ पाने के लिए तैयार नहीं … Read more

एक फैसला आत्म सम्मान के लिए-मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

मामी जी•• हमें आपके सामान की भी••  तलाशी लेनी होगी! कृपया  अपना बैग खोलें ! क्या पर क्यों •••?अभ्यांस के ऐसे बोलने से शांति जी घबरा गई । और कुछ देर रुक के, अपना बैग चेक करवाने लग गईं । देखिए••• हम लोग सिर्फ अपनी तसल्ली के लिए ऐसा कर रहे हैं आप सब कृपया … Read more

आत्मसम्मान का सम्मान – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

सुनिए जी … टीना को फोन लगाकर होली में आने का कार्यक्रम पूछिए।इस बार तो मेरा नवासा भी आएगा साथ में …उमंग और उत्साह सुमित्रा की आवाज में छलक रहा था। अभी लगाता हूँ बहुत दिनों से टीना की कोई खबर भी नहीं मिली है कहते हुए सुजीत जी ने फोन लगा दिया। ना टीना … Read more

error: Content is protected !!