सरप्राइज ने बना दिया गोल्डन दिन – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

रामप्रसाद जी आराम से कुर्सी पर बैठकर पेपर पढ़ रहे थे उनकी बीवी सुगंधा ने उनको आकर जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाइयां दी राम प्रसाद जी बहुत खुश हुए और सुगंधा जी ने राम प्रसाद के नाश्ते के लिए पोहा और गरम-गरम हलवा उनकी टेबल पर आकर रख दिया राम प्रसाद जी बहुत खुश हुए लगभग … Read more

मैं बेटी के मोह में सही-गलत का फर्क भूल गई थी। – मुकुन्द लाल : Moral Stories in Hindi

जागृति एक विधवा महिला थी। कुछ वर्ष पहले एक दुर्घटना में उसके पति की मृत्यु हो गई थी। उस समय से उसकी जिन्दगी में सन्नाटा छा गया था। उसकी जिन्दगी मरूभूमि की तरह बंजर हो गई थी। उसके जीने का एक मात्र सहारा उसकी इकलौती संतान उर्वशी ही थी।उसकी वजह से ही उसके जीवन का … Read more

अपमान बना वरदान – डॉ ऋतु अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

    सुनयना क्या करे? कहाँ जाए? भगवान ने विवाह के चार वर्ष पश्चात एक संतान दी मगर तमाम सतर्कता, सावधानी बरतने के बाद भी न जाने कैसे सोहम पोलियो की चपेट में आ गया। समय पर पोलियो की ड्रॉप्स भी पिलाई गई थीं पर शायद भगवान को यही मंज़ूर था कि सोहम अपने पैरों पर कभी … Read more

गुरु दक्षिणा – कुमार किशन कीर्ति : Moral Stories in Hindi

रघुवीर दास एक समय के प्रतिष्ठित और सम्मानित शिक्षक थे, जिन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा बच्चों को शिक्षा देने में बिताया था। उच्च विद्यालय में हिन्दी के सहायक शिक्षक के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने न केवल छात्रों को शिक्षा दी, बल्कि उन्हें जीवन के अच्छे मूल्य भी सिखाए। रघुवीर दास का मानना … Read more

अभी इतना भी बूढ़े नहीं हुए हैं कि बच्चों की उंगली पकड़कर चलें – अलका शर्मा : Moral Stories in Hindi

” पता नहीं मम्मी पापा को तो यहां आना इतना रास आ गया है कि यही बस गये है। सोचा था कि आठ दस दिन रहकर वापस अपने घर आगरा चले जाएंगे परंतु जाने का तो नाम ही नहीं ले रहें हैं।यार आजादी बिल्कुल खत्म हो गई है।” फोन पर अपनी सहेली से बात करती … Read more

अपमान बना वरदान -डॉ आभा माहेश्वरी : Moral Stories in Hindi

“कब तक— कब तक मेरी छाती पर मूंग दलती रहेगी– कमबख्त– मरती भी नही है–” दादी कोसे जा रही थीं शोभा को।शोभा बीस वर्षीय युवती जिसने लड़कपन में ही वैधव्य की चादर ओढ़ ली थी –अपने निर्धन माता पिता के कारण।घर में रोटी के भी लाले थे– दादी,चार बहनें और रुग्ण पिता– माँ थोड़ा बहुत … Read more

अपमान बना वरदान – शैलेश सिंह “शैल : Moral Stories in Hindi

देखो बहू… हमारे खानदान में कभी किसी महिला ने नौकरी नहीं की है। हम इतने रसूखदार पहले से ही थे कि किसी को कभी जरूरत ही नही पड़ी। रही बात शिक्षा की तो सभी महिलाएँ शिक्षित हैं। मैंने खुद ने अपने समय में मास्टर किया था। तुम्हारी दादी सास भी बारहवीं तक पढ़ी थी। रमा … Read more

अहंकार में रहना – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

मम्मा…मम्मा  सुनो तो मुझे वो रंग बिरंगी टाॅफी खानी है…जो सामने फुटपाथ पर पान की दुकान पर रखी थी । बंटी, माँ के साथ स्कूल जाते वक्त उन्हें देखकर खाने के लिए मचलने लगा…शायद वो उनका स्वाद चख चुका था तभी दुबारा खाने को इतना लालायित नजर आ रहा था ।  मम्मा ऽऽ ये बहुत … Read more

“चरित्र से पहचान होती है।” – चाँदनी झा : Moral Stories in Hindi

“आँखों पर ज्यादा चर्बी चढ़ गयी है?” जो तुम खुद को होशियार समझ रही हो? और मेरे घरवालों को बेवकूफ़? मैंने तुम्हें पहले ही कह दिया था, मेरे घर में मेरी माँ की चलती है, वो जैसा कहेंगी, तुम्हें करना है। तुमने हाँ कहा था, तभी मैंने शादी किया था, नहीं तो…….” अपनी बात कहते, … Read more

मैं बेटी के मोह में सही गलत का फर्क भूल गई – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

जब से सुमन की शादी तय हुई है सरिता उसके पीछे पड़ गई थी कि इतने बड़े घर में तेरा ब्याह हो रहा है मुझे डर लग रहा है कि तुम वहाँ कैसे रह पाओगी । सुमन- माँ वे भी इनसान ही हैं और अच्छे लोग हैं आप तो ऐसे कह रही हैं जैसे मैं … Read more

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