सपने सच हुए – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ऐ रे चंपा किधर फुदक रही है… चल इधर आ मेरे साथ रसोई में हाथ तो बँटा।” अपनी भारी भरकम आवाज़ में रमिया ने कहा  “ अभी आई ताईजी कहती हुई चंपा गोद में सो रहे दो साल के अपने चचेरे भाई को बिछौने पर सुलाकर रसोई में आ गई  रमिया खुद काम कम करती … Read more

हमारे दिए संस्कारों में कोई कमी रह गई होगी – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

कोर्ट में कटहरे में खड़े होकर एक पिता आँखों में आँसू भरकर कह रहा था कि जज साहब शायद हमारे दिए गए संस्कारों में कोई कमी रह गई होगी इसलिए आज मेरी बेटी ने मुझे यहाँ लाकर खड़ा कर दिया है । समाज में मेरा तमाशा बना दिया है । मेरी तो इतनी ही गलती … Read more

अपनेपन की महक…. – शीतल भार्गव : Moral Stories in Hindi

बारिश का मौसम था मंद – मंद बारिश हो रही थी । रवि बालकनी में खड़ा था , बारिश की हल्की हल्की बूंदों से उसका जिस्म भीग रहा था और यादें भी , गाँव की मिट्टी की सोंधी सी ख़ुशबू बारिश की पहली बूंदों के साथ हवा में बह रही थी । उस ख़ुशबू में … Read more

स्कीम वाली दुकान – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

” बड़े भैया, छोटे भाई नीरज का अपमान करने का कोई हक नहीं है। आप पहले भी दो-तीन बार ऐसा कर चुके हैं,मैं आपसे बहुत नाराज हूं।आखिरकार आप बड़े हैं अगर आप ही ऐसा करेंगे,तो छोटों को क्या सिखाएंगे। “मीता ने अपने बड़े भाई कमल से कहा।   कमल ” तू गलत कह रही है मैंने … Read more

अपमान बना वरदान – उषा विजय शिशिर भेरूंदा : Moral Stories in Hindi

आज कामवाली राधिया बड़े देर से आई, सरिता जी पूछने लगी देरी से आने का कारण  रधिया सारे मोहल्ले का हाल-चाल बताने लगी अचानक उसे याद आया और वह कह उठी वह रामचरण मिश्रा जी के यहां यशोदा ताई ने आपको शाम को जरूर बुलाया है सरिता जी सोचने लगी अभी रामचरण मिश्रा जी का … Read more

सुदृढ़ संस्कार – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

 ‘कितना बदल गया है उनका बेटा ? उनकी परवरिश कैसे फेल हो सकती है ? पिता की बीमारी की तनिक सी विपत्ति आते ही बेटे को सिखाए आदर्श और जीवन-मूल्य इतने कमजोर कैसे पड़ गये ? संभवतः हमारे दिए संस्कारों में ही कोई कमी रह गई होगी ? क्या पिता के जीवन को धन से … Read more

हमारे दिए संस्कार में कुछ कमी रह गई होगी – पूजा मिश्रा ‘धरा’ : Moral Stories in Hindi

शहर के बीचोबीच स्थित एक छोटे से मोहल्ले में शुक्ला परिवार रहता था। परिवार में चार लोग थे: माता-पिता, पवन और कुसुम, और उनके दो बच्चे, आरव और अनु। जाति से ब्राह्मण शुक्ला दंपति को अपने संस्कारों पर बहुत गर्व था। शुक्ला दंपति ने अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दिए थे, हमेशा सिखाया था कि … Read more

मैं तो बेटी के मोह में बहू के साथ बहुत ग़लत किया – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

खबरदार जो घर में पांव रखा, चली जाओ यहां से इस घर में तुम्हारे लिए कोई जगह नहीं है। मम्मी समझाओ न दीक्षा और रक्षा को मैंने नीतू से शादी की है और अब ये तुम्हारी बहू है।कैसी बहू और किसकी मर्जीसे शादी की है । बिना मेरी और घर के लोगों के मर्जी के … Read more

समय बीत जाता है यादें रह जाती हैं – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

बात उस समय की है जब हमारी ग्याहरवीं की परीक्षा ख़त्म हो गई थी और हमारे माता-पिता मेरी शादी की बात चलाने लगे थे माँ ने कहा कि शादी के फ़िक्स होते तक सिलाई कढ़ाई सीख ले और मेरा वहाँ दाख़िला दिलाया ताकि मैं कुछ काम सीख लूँ । वहाँ मेरी मुलाक़ात बहुत सारी लड़कियों … Read more

आंँखों पर चर्बी चढ़ना – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

बेटियां मुहावरा लघु -कथा प्रतियोगिता  इतिहास में महाभारत युद्ध को सबसे भयंकर माना जाता है।इस युद्ध में करोड़ों  लोगों की जानें गईं,इसका सबसे बड़ा कारण हस्तिनापुर के राजा धृतराष्ट्र ही थे। धृतराष्ट्र की आंखों पर पुत्र -मोह की चर्बी चढ़ी हुई थी,जिसके कारण उन्होंने अपने ही वंश का समूल नाश करवा दिया। धर्म और अधर्म … Read more

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