कभी कभी कड़वी गोली देनी पड़ती है – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” बेटा आज भी नौकरी नही मिली तुझे ?” बेटे सुमित के घर मे घुसते ही माँ सीमा ने पूछा। ” नही माँ !” संक्षिप्त सा उत्तर दे सुमित कमरे मे चला गया। ” चल हाथ मुंह धोकर आजा मैं खाना लगाती हूँ !” माँ ने पीछे से आवाज़ दी।  ” कोई जरूरत नही है … Read more

जमीन आसमान का फर्क – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

वाह मामी… आपके यहां तो अलमारी के जितना बड़ा फ्रिज और सिनेमा हॉल के जैसा टेलीविजन है, इसमें सब कुछ कितना बड़ा-बड़ा दिखाई देता है आपके यहां तो गद्दा और सोफा भी कितने गुदगुदे हैं यहां तक की आपके पास तो कितने सुंदर-सुंदर पिल्ले भी हैं, हमारे गांव में तो ऐसा कुछ भी नहीं है! … Read more

अंकुर – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

  बच्चों ने शर्मा जी के रिटायरमेंट को एक उत्सव का रूप देने की सोची , पता लगते ही शर्मा जी भड़क गए , अरे ये कोई खुशी का मौका है क्या… जो पार्टी रखी जा रही है ।  हां पापा …आज के जमाने में स्वस्थता के साथ रिटायरमेंट होना भी बहुत बड़ी खुशी की बात … Read more

अपमान बना वरदान – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

ट्रेन पटरियों पर दौड़ी जा रही थी और उसके साथ ही सपना अतीत की यादों में खोती जा रही थी । आज से 10 साल पहले का समय, गर्ल्स कॉलेज का एनुअल फंक्शन और उस फंक्शन में अपनी कविता पाठ से चार चांद लगाती सपना जोशी ‘बी.ए. हिंदी ऑनर्स फाइनल ईयर” की छात्रा।पूरे कॉलेज में … Read more

टर्निंग पॉइंट कभी भी आ सकती है – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

“मैंने••• तुझे कितनी बार कहा कि•• मत खेला कर उनके साथ पर तू है की सुनती ही नहीं•••! गीता अपनी बेटी सेजल से बोली। पर मां••!” मैं क्यों नहीं खेल सकती उनके साथ•••? आखिर वो मेरे भाई-बहने हैं•••! 1४ साल की सेजल बड़ी-बड़ी आंखों को मटकाते हुए गीता से ही सवाल जड़ दिया।  एक बार … Read more

अहंकार कभी न करना – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” अंकित..खबरदार जो मनु के खिलौने को हाथ लगाया..लंदन से इसके पापा ने मंगवाया है..।तुम भी अपने पापा से..अ.रे.रे..रे..तुम्हारे पास तो ढ़ंग के कपड़े भी नहीं है..खिलौने कहाँ से..।” कहते हुए रीना व्यंग्य-से हँसी और उसने अपने जेठानी के बेटे अंकित के हाथ से खिलौना छीन लिया।        रीना के ससुर दीनदयाल जी की अचानक मृत्यु … Read more

कब तक तुम्हारा खर्चा उठाऊँ – अयोध्याप्रसाद उपाध्याय : Moral Stories in Hindi

“सबका करें भला भगवान। सबको रखें खुशहाल और धनवान।” इन्हीं दोनों वाक्यों को सर्वेश सामने वाली दीवार पर टंगे भगवान शिव के चित्र के समक्ष हाथों को जोड़कर दुहराये जा रहा था । अभी सुबह के सात बजे होंगे। फागुन का महीना था। मौसम सुहाना था। मंद मंद हवा बह रही थी। जो खिड़कियों से … Read more

आंखों पर चर्बी चढ़ना – डॉ रूपाली गर्ग : Moral Stories in Hindi

हर्षाली की शादी नई नई एक ऐसी परिवार में हुई जहां की परंपरा लोगों की सोच और खान-पान बिल्कुल  अलग था। इसलिए हर्षाली के लिए सब कुछ अजीब और नया था।  इसी नए माहौल में उसने कुछ और भी महसूस किया । हर बात में बेटी पर अधिक ध्यान देना उसकी हर बात सुनना ये … Read more

अपमान बना वरदान – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

राधिका का जीवन हमेशा से हिंदी भाषा और संस्कृति से जुड़ा रहा था। स्कूल, कॉलेज में पढ़ते हुए, वह जब भी कुछ महसूस करती, उसे शब्दों में ढालने के लिए हिंदी ही उसका प्रिय साधन बनती। वह अपनी कविताओं और लेखन के माध्यम से अपनी भावनाओं को व्यक्त करती। हिंदी को वह अपनी आत्मा मानती … Read more

नया रिश्ता – बिंदेश्वरी त्यागी : Moral Stories in Hindi

भोपाल के कमलापति रेलवे स्टेशन पर सौरव अपना ट्रॉली बैग लेकर जल्दी से ट्रेन में चढ़ा क्योंकि ट्रेन चलने को तैयार थी l बाहर बहुत गर्मी थी एक में आकर उसने थोड़े सुकून की सांस ली l वह अपनी सीट पर बैठ गया और सामान सेट करने लगा l रात्रि के 9:00 बज रहे थे … Read more

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