जिजीविषा – बालेश्वर गुप्ता   : Moral Stories in Hindi

  भाईसाहब,आप ही मेरी सहायता कर सकते हैं।प्लीज करेंगे ना मेरी मदद?        भाई बताओ तो बात क्या है?तभी तो पता चलेगा कि मैं क्या कर सकता हूँ?अगर कर सकता हूँ तो क्यों नही करूँगा तुम्हारी सहायता।        मैं कई दिनों से आपसे कहने की हिम्मत जुटा रहा था,पर अब जब पानी सर से गुजरने वाला है तो … Read more

जिंदगी बदल गई अब – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय  : Moral Stories in Hindi

“जब देखो तब तुम्हारे हाथ में ऊन और सलाइयां! कभी सुई धागा!पता नहीं स्वेटर बुनकर तुम्हें क्या मिलता है?मुझे बहुत गुस्सा आता है यह सब देखकर।मुझे बिल्कुल पसंद नहीं तुम्हारा यह बुनना सिलना! बंद करो यह सब ।”शशांक अपनी आदतानुसार गुस्से में चिल्लाते हुए रिचा से कहा।   रिचा रोआंसी हो गई  “पर इसमें बुरा … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

अपनेपन की महक – सुमन लता ” सुमन “ भूल रही सब रिश्ते- नाते, कैसी दुनिया दारी,  सुख सुविधा ने अपने पन की, महक छीन ली सारी । अपना घर अपनी माटी को, तज कर जाना पड़ता उस पल मानव का मन बेबस, होकर खुद से लड़ता,  जब आशाएँ पूरी होती, जाते सब बलिहारी,  सुख … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

अपनेपन की महक – परमा दत्त झा आज बहू ने चाय के साथ बिस्कुट और नमकीन भी दिया था।वे खुशी से झूम उठे कारण इतने प्यार से बहू ने आज तक नहीं दिया था।वे एक बार देखे और चाय पीने लगे। बहू सही रहे, परिवार देखें, और हमें क्या चाहिए। मगर यह असर रात की … Read more

मधु की रसोई – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

बस एक ही काम तो इसकी मां ने इसे सिखाया है खाना पकाना अरे उसमें कौन सी बुद्धि लगानी पड़ती है जिसमें बुद्धि लगानी पड़ती है वह तो इसे राई रत्ती नहीं आता है मेरे बेटे के तो करम फूट गए जो ये मूढ़ उसके पल्ले पड़ गई…. सासू मां मालती ने बेटे प्रखर के … Read more

अपमान बना वरदान – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

“पापा कल पीटीएम में आप मेरे साथ चलोगे। मम्मी को इंग्लिश बोलना आता नही है और जब हिंदी में बात करती हैं तो मुझे अच्छा नहीं लगता। मेरी सभी सहेलियों की मम्मी इंग्लिश में बात करती है तो मुझे अपमान सा महसूस होता है” पाखी बेरुखी से बोली दरवाजे के बाहर खड़ी सौम्या ने सब … Read more

‘आम की एक फाॅंक’ – श्वेता अग्रवाल। : Moral Stories in Hindi

गर्मियों के दिन थे। नीता अपने बच्चों के साथ ऑंगन में बैठी आम के मजे ले रही थी। प्लेट में पीले, मीठे,रसीले आम के टुकड़े रखे थे और वे सभी बहुत खुश होकर खा रहे थे। मोनिका का छह साल का बेटा अंशु भी वहीं खेल रहा था। आम देखकर उसके छोटे-छोटे हाथ आम की … Read more

थैंक यू बेटा – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

      हाथ में चाय का कप लिये शैलेश अखबार पढ़ रहा था कि उसकी नज़र हेडलाइन पर ठहर गई,’ बेस्ट सेलर किताब- वरदान के लेखक ‘ श्री शिव मंगल जी’ का सम्मान समारोह’।नीचे छपी तस्वीर देखकर वो चौंक पड़ा,” पापा जी!” उसे यकीन नहीं हुआ।उसने बड़े भाई शीलेश को फ़ोन किया,” भईया..आज की हेडलाइन देखी..।”   ” … Read more

एक फोन काॅल से बदली जिन्दगी। – मुकुन्द लाल : Moral Stories in Hindi

उस कस्बे के खपरैल घर में रहनेवाली नीता विधवा थी।उसके पति की मृत्यु वर्षों पहले बीमारी से हो गई थी। उसकी एक पुत्री रंभा और एक पुत्र अरुण थे। वह अपने घर में सिलाई का काम करके अपना और अपनी संतान की जीविका चलाती थी।.                      … Read more

विश्वास! – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

  ‘वाऊ ममा ! यू आर सच अ कांफीडेंट स्पीकर ! हाउ डिड यू रिमैंबर‌ सो मच टू स्पीक ? आय एम‌  सो प्राउड आप यू !’       नोटिफिकेशन की आवाज से जैसे ही उन्होंने अपना मोबाइल खोला तो हर्ष युक्त कई इमोजीजके साथ अपनी बेटी के उपर्युक्त व्हाट्स एप संदेश को पढ़ते ही उनके मुख पर … Read more

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