सुकून – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

  रंजीता और सविता हल्की गपशप संग सैर करते हुए जैसे ही सड़क पर पहुंचीं कि कल के मेले के‌ कारण सड़क के दोनों तरफ पड़ी प्लास्टिक की जूठी प्लेटों, कटोरियों ,गिलास, चम्मच तथा तुड़ी-मुड़ी जूठी पत्तलों को देखकर सविता भड़क उठी,      ‘ उफ़्फ ! यह इधर-उधर बिखरा पड़ा कूड़ा मुझे फूटी आंखों नहीं भाता है। … Read more

निक्कमा बेटा – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

 देखो तो… फिर से रामलाल जी का बेटा नौकरी की तलाश में जा रहा है … हर दिन निकलता है.. और रात में घर लौट ही  आता है हताश होकर… रामलाल जी के सोने के बाद चुपचाप कमरे में जाकर सो जाता है… काहे रामलाल जी इसके पीछे पड़े है कि  नौकरी लगे… बेचारे का … Read more

फुलवा – हेम लता : Moral Stories in Hindi

सुनो” 21 दिन का सरकार ने लॉक डाउन लगाया है “पति के इतना कहते ही मुझे तुरंत बेटे का ख्याल आया. हम अपने गांव में हर नवरात्रि में आते हैं मंदिर में श्रृंगार करने और नवरात्रि मनाने, कन्या पूजन करने .इस बार भी आए थे पर यहां आते ही पता चला कि सरकार ने कोरोनावायरस … Read more

क्षमादान – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

घर के सभी लोग वीरेंद्र जी के कमरे में उपस्थित थे वीरेंद्र जी की पत्नी सविता,उनका बड़ा बेटा मंयक,उसकी पत्नी पुष्पा, वीरेंद्र जी की बेटी रीता इन सबके चेहरों पर शर्मिंदगी साफ दिखाई दे रही थी उसी कमरे में वीरेंद्र जी का छोटा बेटा रवि और उसकी पत्नी गुंजन भी थे गुंजन के चेहरे पे … Read more

इतना बड़ा दिल तो एक मां का ही हो सकता है – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

“बेटा महंगाई दिन ब दिन आसमान छू रही है ऊपर से तेरी बेटी भी बड़ी हो रही है उसकी शादी भी करनी है तुझे। तू मेरी फिक्र मत कर मैं यहां बहुत खुश हूं अपना ख्याल रखना । यहां मेरे जैसे कितने ही लोग हैं एक दूसरे की बातें सुनकर दिन कब निकल जाता है … Read more

बैग पैक कर लो – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

राजीव गांधी नेशनल पार्क में सुबह सुबह ठहाकों की आवाज़ें सुनाई दे रही थी । यहाँ रोज रिटायर्ड बुजुर्गों की एक मंडली बैठती है जो कुछ देर वॉकिंग करते हैं फिर वहीं पर बेंच पर बैठ कर हँसते गाते अपने सुख दुख बाँटते रहते हैं । उनकी अच्छी खासी दोस्ती हो गई थी वे एक … Read more

बड़ा दिल – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

नीलम ! कल जब तू यहाँ से उठ के चली गई थी तो तुम्हारी मम्मी का फ़ोन था ना ? सब ठीक- ठाक तो है? हाँ माँ…. सब ठीक है, मैंने सोचा कि शायद मम्मी मकर- संक्रांति की कोथली के बारे में बात करेंगी …इसलिए उठकर बाहर चली गई पर वे तो वैसे ही फ़ोन … Read more

संगम पर संगम – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अपने पति के साथ कुंभ नहाने आई मुग्धा अचानक सामने बैठी बुजुर्ग स्त्री को देखकर ठिठक गई, वह सावित्री देवी लग रहीं थी, हां हां वह वही तो है… उसने अपने मन में सोचा ये तो सावित्री देवी ही है जिन्हे मै माताजी कहते नहीं थकती  थी और वह मुझे दुल्हन दुल्हन कहते। मुझे इतना … Read more

हां, हम औरतें होती हैं अजीब… – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

  आज बाथरूम से नहाकर निकलने पर रीमा को चहकते देखकर निशांत हैरान होकर बोला ‘क्या बात है भई आज तो सुबह-सुबह ही चेहरे से खुशी का नूर टपक रहा है? कुछ खास ही है नहीं तो इस समय तो तुम काम के प्रेशर में बिफरी ही दिखती हो’ रीमा चहकते हुए आइने के समक्ष जा … Read more

नयी राह – हेमलता : Moral Stories in Hindi

सुबह सुबह लगभग 4:00 या 5:00 बजे होंगे मेरी बगल के कमरे से आते हुए खटपट  से मेरी नींद खुली,  सोचा शायद पानी भरने के लिए लाइन लग रही होगी लेकिन नहीं यह तो ठीक बगल से आवाज आ रही थी। मेरे ठीक बगल में राहुल रहता था राहुल मेरे ही गांव का लड़का था … Read more

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