आंगन की तुलसी – संगीता अग्रवाल

“सुधा! अरे ओ सुधा! तू अभी तक रसोई में ही है? देख तो ड्राइंग रूम के पर्दों पर धूल जमी है या नहीं? मेरी ‘मल्लिका’ आ रही है। उसे धूल से एलर्जी है। अमेरिका में रहती है वो, वहां जैसा साफ़-सुथरा माहौल यहाँ भी मिलना चाहिए उसे।” सावित्री देवी की आवाज़ पूरे घर में गूंज … Read more

माँ का आईना – रश्मि प्रकाश 

सुशीला देवी को लगा जैसे किसी ने उनके गाल पर ज़ोरदार तमाचा मारा हो। उनका अपना ही तर्क, उनके अपने ही शब्द, अब उन्हें चुभ रहे थे। जो ममता अपनी बेटी के लिए उमड़ रही थी, वही ममता बहू के लिए क्यों सूख गई थी? उनके हाथ से फोन का रिसीवर लगभग छूट ही गया। … Read more

*रिश्ते अधिकार से नहीं, करुणा से निभते है* – तोषिका

डॉक्टर साहब जल्दी आएं यहाँ पर, इनका हादसा होगया है और इनको इलाज की सख्त जरूरत है। परेशान रामू ने बोला। *आज का दिन* मैं कहा हू? कोई मुझे बताएगा कि मैं यहाँ कैसे आया? सर पकड़ते हुए एक आदमी ने दर्द भरी आवाज में पूछा। आस पास के सब लोग उसको देख रहे थे … Read more

करुणा – खुशी

रमा एक नामचीन वकील थी।महिलाओं के हक के प्रति आवाज उठाती और हर केस जीतती हर कोई कहता इसे मर्द जात से नफरत है।कोई कहता शादी हुई थी पर अकड़ और अधिकार जमाने की आदत के कारण घर टूट गया जितने लोग उतनी बातें।एक बार रमा के पास एक केस आया जिसमें आदित्य नाम का … Read more

सच्चा प्यार यही है – संगीता अग्रवाल

” रितेश तुम्हे पता है कल वेलेंटाइन डे है।” साधना अपने पति से बोली। ” हां तो ?” लैपटॉप में सिर घुसाए रितेश बोला। ” तो आप मुझे क्या गिफ्ट दे रहे हैं ?” साधना ने पूछा। ” क्या….दिमाग खराब है तुम्हारा ये टीवी सीरियल देख नए नए फितूर आते तुम्हे शादी को बारह साल … Read more

रिश्ते – एम. पी. सिंह 

भोपाल के एरेरा कॉलोनी इलाके मैं सरल और सीधे स्वभाव के गुप्ता जी अपनी पत्नी आशा और बेटे राहुल के साथ रहते थे. न्यू मार्केट मैं उनका जाना माना होटल था जिसे उनके दादा जी ने खड़ा किया था. दादा जी और पिता जी के गुज़र जाने के बाद अब वहीं होटल के मालिक थे. … Read more

रिश्ते अधिकार से नहीं करुणा से  निभते हैं। – संजय सिंह

राजू और रानी की शादी हो गई। दोनों के  परिवारों की सहमति से यह शादी हुई थी ।फर्क सिर्फ इतना था कि दोनों ने एक दूसरे को पसंद किया था ।रानी अपने माता-पिता की इकलौती लड़की थी और राजू अपने तीन बड़े भाइयों में सबसे छोटा था ।दोनों इस शादी से काफी खुश थे। राजू … Read more

टोल प्लाजा – एम. पी. सिंह

कितना अजीब लगता है ज़ब कोई रईसजादा, टोल टेक्स बचाने के लिए टोल कर्मचारियों से बहस करतें हुए ट्रैफिक जाम कर देतें है और दूसरे यात्रियों  का समय और तेल बर्बाद करतें है. कभी कभी तो टोल पर तोड़ फोड़, लाठी डंडे और पिस्तौल तक निकाल लेते है. कई बार टोल कर्मियों पर गाड़ी तक … Read more

इंतजार – लतिका पल्लवी

 संध्या जी को अपनी बेटी और बहू को करवा चौथ मे देने के लिए साड़िया लेनी थी इसलिये उन्होंने मानव जी से बाजार चलने को कहा। मानव जी इस शर्त पर उन्हें बाजार ले गए कि तुम दुकान मे अंदर जाने को नहीं बोलोगी। संध्या जी को अच्छे से पता था कि मानव जी थोड़े … Read more

नासमझ प्यार – शुभ्रा बैनर्जी 

शादी तय हो गई थी मीना की।बस एक महीने और स्कूल में नौकरी करनी पड़ेगी,फिर तो छुट्टी हमेशा के लिए।पापा के जाने के बाद ही नौकरी ज्वाइन कर ली थी मीना ने। कॉलेज में कामर्स की फाइनल इयर में थी,तभी पापा गुजर गए।घर की बड़ी बेटी होने से जिम्मेदारी भी मीना के सर पर थी।पढ़ाई … Read more

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