आंगन की तुलसी – संगीता अग्रवाल
“सुधा! अरे ओ सुधा! तू अभी तक रसोई में ही है? देख तो ड्राइंग रूम के पर्दों पर धूल जमी है या नहीं? मेरी ‘मल्लिका’ आ रही है। उसे धूल से एलर्जी है। अमेरिका में रहती है वो, वहां जैसा साफ़-सुथरा माहौल यहाँ भी मिलना चाहिए उसे।” सावित्री देवी की आवाज़ पूरे घर में गूंज … Read more