बडी बहू – परमा दत्त झा : Moral Stories in Hindi

आज रमा ने बेटी का ब्याह कर बेटे बहू दोनों का फ़र्ज़ निभाया है।सास कांता की आंखों से आंसू निकल रहे थे और वह बार बार बहू का हाथ चूम रही थी। ले बहू चाय पी ले-जब सास ने प्याला हाथ में दिया तो चौंक गयी।आज सारा काम पूरा हो गया। वह चाय पीते हुए … Read more

बड़ी बहू या कठपुतली – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

पूरा घर फूलों की लड़ियों और रंग-बिरंगी बिजली की झालरों से सजा हुआ था बेला और गुलाब के फूलों की महक से पूरा वातावरण सुगंधित हो रहा था। चारों ओर खुशियों का माहौल दिखाई दे रहा था हो भी क्यों ना!!आज ठाकुर प्रताप सिंह के बेटे की शादी थी। ठाकुर प्रताप सिंह की पत्नी सुजाता … Read more

एक मिसाल.. फर्क और फर्ज की – चांदनी खटवानी : Moral Stories in Hindi

इतनी सवेरे सवेरे आज फोन किया है भाई.. क्या बात है.. राजीव का फोन रिसीव करते ही वीणा के मुंह से निकला! वह.. थोड़ा रुक कर.. फोन पर नहीं बता सकता.. आज तो तेरी छुट्टी होगी ना.. टाइम निकाल कर घर आ जा! राजीव की आवाज में काफी संजीदगी थी.. उसने अनमने सारा काम निपटाया.. … Read more

वक्त पर काम आना – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

मानसी को लोग देखकर यहां वहां भाग जाते थे लोग सोचते थे कि यह आएगी और बताने लगेगी की हमें कैसे रहना चाहिए क्या करना चाहिए क्योंकि मानसी एनजीओ में काम करती थी और दिनभर उसे कई लोगों को समझाना पड़ता था कि हमें अच्छे से रहना चाहिए और हमें पढ़ लिखकर अच्छे संस्कार रखना … Read more

बड़ी बहू – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

बड़ी बहू होने के नाते मनोरमा बहुत समझदार और पढ़ी-लिखी थी जब वह बहू बनकर घर में गई थी तो उसके साथ छोटा देवर और एक छोटी नंद मनोरमा दिखने में बहुत सुंदर खूबसूरत और पढ़ी-लिखी थी मायके से वह तीन बहने और एक भाई थे पढ़ लिखकर नौकरी करना चाहती लेकिन अचानक ही अच्छा … Read more

आईना – ममता भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

दरवाज़े पर घंटी की आवाज़ सुनकर सीमा ने दरवाजा खोला तो देखा कि उसकी घरेलू सहायिका शांति खड़ी थी। सीमा ने उसे प्रश्नवाचक निगाहों से देखा तो शांति ने स्वम् ही कहना शुरू कर दिया कि दीदी! आज हमारे विवाह की सालगिरह है ,इसलिए मैं आज जल्दी काम करके चली जाऊँगी।वह बहुत प्रसन्न दिखाई दे … Read more

घर टूटने पर हर बार बेटे-बहु को ही दोष क्यों दिया जाता है? – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

शाम को अपने दोस्त के घर से आने के बाद से ही मेरा बेटा कुछ उदास-उदास सा लग रहा था। उसकी आँखो को देखकर लग रहा था कि वह मुझसे कुछ कहना चाह रहा है पर कह नहीं पा रहा। रात के खाने तक उसकी चुप्पी मुझे खलने लगी। वह किशोरावस्था में था अतः मुझे … Read more

रक्षाबंधन ऐसा भी – सुनीता माथुर : Moral Stories in Hindi

 रिम्मी और सिम्मी दोनों बहनों ने 5 साल से अपने भाई को राखी नहीं बांधी थी क्योंकि दोनों की ही पोस्टिंग बाहर थी दोनों इंजीनियर थीं और उनके पति भी इंजीनियर थे इस बार दोनों बहनों ने रक्षाबंधन पर अपने भाई और भाभी को सरप्राइस देने की सोची            दोनों ही बहने अपने भाई से छोटी … Read more

बड़ी बहू – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

 मै आरती, बी ए में थी सिर्फ उन्नीस साल की।बड़ी बहू बनकर अपने ससुराल आ गई ।सुना था अच्छे लोग हैं, छोटा परिवार है ।पिता जी साधारण पोस्ट पर थे।साधारण लेनदेन करके बेटी को विदा कर दिया ।आर्थिक स्थिति चाहे बहुत अच्छी न रही हो पर माता पिता का प्यार, दुलार बहुत मिला । इस … Read more

कुंभ- स्नान – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” जानकी जी, महाकुंभ खत्म होने में अब तो कुछ ही दिन रह गये हैं..आप चलेंगी ना..हम टिकट करवा ले…।” शांति जी अपनी पड़ोसिन से पूछने लगी तो जानकी जी बोलीं,” नहीं शांति बहन..हम नहीं जा सकेंगे..आप और सुलोचना बहन चले जाईये..।” ” पिछले कई महीनों से तो आप ही रट लगाये हुए थी..फिर अब … Read more

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