बड़ी बहू – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in Hindi

निकिता..! तुम्हारे जेठ सलिल विवाह क्यों नहीं करना चाहते  हैं..?? अच्छी खासी उम्र है फिर भी कुंवारे बैठे हैं!! मेरे परिवार में एक लड़की है तुम कहो तो मैं बात चलाऊं?एक बार तुम अपने सास ससुर से बात करके देखो! सलिल मान जाते हैं तो मुझे बताना, चाची बोली। सच में..! सलिल भैया देखने में … Read more

घर टूटने पर आखिर हर बार बेटे-बहू को ही दोष क्यों दिया जाता है?? – निकिता गर्ग : Moral Stories in Hindi

गाँव के एक छोटे से घर में, सुनील और कविता अपने बेटे सुमित और बहू प्रिया के साथ रहते थे। सुनील और कविता ने अपने जीवन की सारी मेहनत और प्यार से इस घर को बनाया था। जब सुमित की शादी प्रिया से हुई, तो सबने सोचा कि अब घर में खुशियों की बहार आएगी। … Read more

दोषी कौन – ऋतु दादू : Moral Stories in Hindi

दफ्तर से आकर जब राघव ने नेहा को बताया कि वह कार्यालय के काम से जयपुर जा रहा है,चाहे तो वह भी साथ चल सकती है,तो नेहा ख़ुशी से चहक उठी, आखिर उसने अपना बचपन जयपुर में ही तो बिताया था। जयपुर जाने के लिए गाड़ी में बैठते ही नेहा बचपन की यादों में खो … Read more

बड़ी बहू – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

किरण को आज नींद नहीं आ रही थी ,उसे बार — बार ये ख्याल आ रहा था कि कही कल सुबह उठने में देर न हो जाए …   मुकेश जी ने करवट बदलते हुए कहा ,अरे  तुम सो क्यों नहीं रही ? क्या बात है  , कुछ बताओगी ? अरे कुछ भी नहीं , … Read more

बड़ी बहू – अनिता मंदिलवार सपना : Moral Stories in Hindi

       बड़ी बहू का घर में आगमन होने वाला था । घर सजा हुआ  और सभी उत्साह से तैयारी कर रहे थे । ननद और देवर तो बारात में गए थे और वैवाहिक कार्यक्रम का लुत्फ उठा रहे थे । इधर घर पर सास, चाची सास, बुआ सास, मामी सास सम सभी प्रतीक्षा में थे । … Read more

बड़ी बहू – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

अरे कुछ तो कुल की मान मर्यादा के बारे में सोचा होता क्या मुहं दिखाएंगे समाज को रिश्तेदारों को क्या बताएंगे हम कि किस नीच मनहूस को ब्याह के लाया है। पूरी दुनिया मे तुझे यही मिली थी क्या अपनी जाति में लड़कियां खत्म हो गईं थी पता नही कैसे इसने मेरे बेटे को अपने … Read more

घर टूटने पर आखिर हर बार बेटे-बहू को ही दोष क्यों दिया जाता है? – मुकुन्द लाल : Moral Stories in Hindi

   सुबह अंधेरे मुंँह उस दिन विपिन के घर में शोरगुल हो रहा था। उसके परिवार के सदस्य हर्षोल्लास के साथ यात्रा करने की तैयारी में मशगूल थे। विपिन की तीनों बेटियों को उसकी पत्नी कीमती नए डिजाइन की पोशाकें पहनाकर उन्हें सजाने  संवारने में लगी हुई थी। थोड़ी देर के बाद स्मृति स्वयं कीमती परिधान … Read more

नुकसान – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

भगवान भला करें बिटिया भोलेनाथ के नाम पर इस झोली में कुछ डाल दो मैं वक्त की मारी दुखिया हूं… सड़क के किनारे बस का इंतजार करती रुचि और उसकी सहेली मीनल के सामने अचानक एक कमजोर महिला आ गई। शर्म करो हाथ पांव सलामत है फिर भी यूं सड़क पर खड़े होकर हाथ फैला … Read more

ढलती उम्र – कंचन श्रीवास्तव आरज़ू : Moral Stories in Hindi

कल्पवास का आख़िरी दिन और अम्मा सोच रही है कि कैसे कहे बच्चों से कि जब वो लौटे तो उसके बच्चे भी वही करें जो वो अपनी सास के साथ करती थी ।अब भाई वो समय कुछ और था जब उसकी सास लौटती थी तो कितना उत्सव सा माहौल रहता था । कोई पकवान बना … Read more

वीरान बगीया – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

अभी आधा घंटा ही हुआ था टैक्सी को रवाना हुए जिसमें रोहन,शिवि, दोनों बच्चे  रोहित एवं शुभि के साथ बैंगलोर के लिए निकले थे। उनके जाते ही घर में मौत का सा सन्नाटा पसर गया। मनोहर जी एवं विभा जी अकेले रह गए।विभा जी का तो रो रोकर बुरा हाल था। उनकी हिचकियां थीं कि … Read more

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