आपको तो अपनी बहू की अच्छाई के आगे कुछ दिखाती ही नहीं पड़ता है। – पूनम भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

जैसे ही रीमा ने घर में कदम रखा । रिया ने सोफे पर पसरते हुए कहा,” भाभी जल्दी से चाय बना लो अब। तभी साथ बैठी, बुआ सास मालती बोली,” और हां पकौड़े भी बना लेना साथ। जी बुआ जी,” रीमा ने कहा। रीमा आज ऑफिस में बहुत थक गई थी, सर दर्द से भयंकर … Read more

खिचड़ी का मेलजोल – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

बैंड-बाजे के शोर में सुमिता जब ससुराल पहुँची, तो दरवाज़े पर उसकी अगवानी के लिए पूरा परिवार खड़ा था। आरती का थाल, फूलों की वर्षा, ढोल-नगाड़े… और सासू माँ का भावुक बयान— “अब ये घर तेरा ही है, बेटी!” लेकिन सुमिता को जल्दी ही समझ आ गया कि ‘तेरा ही है’ का असली मतलब यह … Read more

मां का फैसला – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

“हैलो रोहन! मैंने तेरी भाभी और बच्चों के साथ एक सप्ताह के लिए दुबई भ्रमण का कार्यक्रम बनाया है। इसलिए मैं 22 फरवरी की सुबह मां को तुम्हारे पास छोड़ने आऊंगा,” समीर ने अपने छोटे भाई रोहन से फोन पर कहा। “अरे भैया, ये क्या कह रहे हैं आप? चारु तो यह सब जानकर भड़क … Read more

सफ़ेद बालों वाली आँटी – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

” वो देख..सफ़ेद बालों वाली आँटी जा रहीं हैं।” कंधे पर बैग डाले सीढ़ियों से उतरते हुए अठ्ठावन वर्षीय अनिता सूद ने फिर से अपने लिये सफ़ेद बालों वाली आँटी संबोधन सुना तो उन्हें लगा जैसे किसी ने उनके कानों में पिघला शीशा उड़ेल दिया हो।उसी समय उन्होंने तय कर लिया कि अब तो वो … Read more

अधूरी चाहत – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

शाम के छः बजे थे, फरवरी का महीना था। हल्की-हल्की गुलाबी ठंडक वातावरण में मौजूद थी क्योंकि ठंडी हवा भी चल रही थी, किन्तु इतनी ठंडक सुहानेवाली थी। आलोक जी एवं सुनयना जी घर के सामने ही बने छोटे से बगीचे में बैठे चाय का आंनद ले रहे थे। दोनों बेटे कोचिंग गये हुए थे। … Read more

ननदिया ने हाये राम बड़ा दुख दीना – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

विनी डियर! इस बार रीना-जीजा जी और बबली होली हमारे साथ मनाने आ रहे हैं ध्यान रखना कोई कमी ना रह जाए। सुधीर ने अपनी नई नवेली दुल्हन विनी से कहा। सुधीर और विनी के ब्याह को एक महीना ही हुआ था। नई-नई शादी का खुमार नया सामान नया घर सजाने में दोनों तन-मन से … Read more

ननद – संध्या सिन्हा : Moral Stories in Hindi

“ दुल्हिन आज रीता ने अपने यहाँ रात के खाने पर तुम लोगों को बुलाया है। अच्छे से तैयार हो कर जाना ।”साधना जी ने अपनी नवविवाहिता बहू स्नेहा से कहा । “जी मम्मी जी,पर मैं कै.. से.. जाऊँगी.. ये तो बैंक के काम से बाहर गए है ।”स्नेहा ने कहा । “ तुम संजना … Read more

ननद – भाभी का रिश्ता – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” क्या दीदी इतने दिनों बाद आई हो मायके को भूल ही गई थी । लगता है जीजाजी से बहुत प्यार मिलता है जो हम लोगो की तो बिल्कुल याद ही नही आती आपको । पर ये तो गलत है ना जीजाजी का प्यार अपनी जगह , हम लोगो का अपनी जगह !” नताशा के … Read more

क्या सही क्या गलत – ऋतु दादू : Moral Stories in Hindi

गरिमा से फोन पर बात करने के बाद रिद्धि गुस्से से तमतमा रही थी, भाभी अपने आपको समझती क्या है? इतने बड़े पद से सेवा निवृत हुए है पिताजी, उन्हें नौकर बना कर रख दिया है।  गरिमा रिद्धि के मायके की सहेली है, गरिमा कुछ दिन अपने मायके रहने गई थी, जिसका घर रिद्धि के … Read more

ननद – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

आखिर बकरे की माँ कब तक खैर मनाती….. शादी शुदा ननद की दखलंदाजी, घर का बिगड़ता माहौल आज तो सुबह सासूमां ने जैसे ही काम और ननद को लेकर बहस की हिम्मत करके श्वेता ने भी बोल ही दिया। ‘माँ ऽऽ ननद अपभ्रंश है “न आनंद” का यानि वह व्यक्ति जो “न आनंद “ देने … Read more

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