वो अनजान लड़का – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

38 साल पहले की बात है जब लतिका की नई नई शादी हुई थी…… मैं सोचती थी….. मेरी भाभी गोरी सी , सुंदर सी होंगी पर आप बिल्कुल अच्छी नहीं दिखती है भाभी…..! ये वाक्य थे लतिका की ननद चंचला के…. लतिका आश्चर्य से चंचला की ओर देखती रह गई…..कोई ऐसे कैसे बोल सकता है  … Read more

” मुझ से शादी करोगी?” – चंचल जैन : Moral Stories in Hindi

बचपन का साथी सुहास जब भी पूछता, स्वाति मना कर देती। धीरे धीरे बडे हो गये वे। उसने स्वाति से प्यार-भरे अंदाज में पुछा, ” मेरी प्रिया बनोगी?” वह चुप रही। पता नहीं उसके मन क्या था। वह क्या चाहती थी? अपनी पढाई, करिअर बनाने व्यस्त पता ही नहीं चला, सुहास कब उससे दूर चला … Read more

ये ननद का घर है तो मेरा घर कौन सा है? – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ज़िन्दगी का हर एक दिन अच्छा हो ये कोई ज़रूरी नहीं है….. कभी कभी बुरे दौर से भी ज़िन्दगी गुजरती है…. बस हमें हिम्मत और संयम से उसका सामना करना चाहिए….. चल उठ मेरे लिए चाय बना कर तो ला जरा।”रमाकान्त जी बेटी के सिर पर हाथ फेरते हुए बोले “ पर पापा …..।” राशि … Read more

तपस्या – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

कमरे में चारों ओर फूलों की सुगंध फैली थी । बेड के सामने रखी मेज पर लाल गुलाब के बुके रखे थे । आज बत्तीस साल की नौकरी के बाद पवित्रा रिटायर हुई थी । उसने हाथ में पकड़ा गर्म दूध का गिलास बराबर की साइड टेबल पर रखा और आराम से अधलेटी हो गई … Read more

आपको तो अपनी बहू की अच्छाई के आगे कुछ दिखाती ही नहीं पड़ता है। -पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

आपको तो अपनी बहू की अच्छाई के आगे कुछ दिखता ही नहीं है मां, आप क्यों नहीं समझ रही हो क्या जरूरत है मकान भैया के नाम करने की , एकमात्र यही पूंजी है आपके पास पापा की दी हुई आपके बाद सब कुछ वैसे भी भैया भाभी का ही है मगर अपने जीते जी … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

ससुराल में हक – ऋतु दादू   खाने की टेबल पर बैठा पति खाने में कद्दू की सब्जी देख चौंक गया, अरे ये क्या बना दिया, तुम्हे बताया था ना कि हमारे घर किसी को कद्दू पसंद नहीं है। जवाब मां ने दिया, हमारे घर में अब बहु भी शामिल है और इसको पूरियों के साथ … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

सम्मान का हक़ – रश्मि प्रकाश   “शादी से पहले ही तुम्हें बता दिया था… मेरी माँ ,भैया भाभी और बच्चों को हमेशा अपनापन और सम्मान देना होगा तुमने भी मुझसे यही कहा था और मैं वो सब निभा भी रहा हूँ फिर तुम आज माँ और भाभी से ऊँची आवाज में बात कैसे कर रही … Read more

बढ़बोली ननद – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 आज रमोला जी की सबसे छोटी बेटी कुंती का विवाह था। कुंती बहनों में सबसे छोटी पांचवें नंबर की बहन थी। उसके दो बड़े भाई थे। वे दोनों भी विवाहित थे।   कुंती का विवाह सुखपूर्वक संपन्न हुआ। कुंती के पिता का कुछ समय पहले ही देहांत हुआ था और उसकी माँ रमोला अक्सर बीमार रहती … Read more

कहो कैसी रही? – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“शेखर, पता है मेरी फ्रेंड्स कल चार दिनों के लिए ऊटी जा रही हैं|” शिखा अपने हस्बैंड से बोली| “तो तुम भी चल जाओ, तुम्हें किसने रोका है|” शेखर ने छूटते ही कहा| “हाँ, मन तो मेरा भी बहुत है| चली भी जाती, अगर तुम अकेले मैनेज कर पाते तो| तुम तो एक गिलास पानी … Read more

भरोसे के आंसू – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

उम्र चेहरे पर झुर्रियां ला सकती है,काया ढीली कर सकती है, नज़र कमजोर कर सकती है,पर आंखों में छिपे आंसुओं को खत्म नहीं कर पाती।ये आंसू सिर्फ खुशी या दुख के नहीं होते,बल्कि भरोसे के भी होतें हैं। ख़ुद पचास पार कर चुकी ,शुभा को ही अब जल्दी थकान होने लग रही थी।ज्यादा काम पड़ … Read more

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