ईर्ष्या – खुशी :

Moral Stories in Hindi रति एक बड़े घर की बहु थी।घर में ससुर गिरधारी लाल जी जिनकी सराफा में सुनार की दुकान थी।  सास राधा जी जो मंदिर और कीर्तन मंडली में व्यस्त रहती तो घर की जिम्मेदारी उसी पर थी घर में उसके पति अमित और देवर सुमित थे एक ननद शिखा थी जिसकी … Read more

ईर्ष्या – परमा दत्त झा

Moral Stories in Hindi (रचना मौलिक और अप्रकाशित है इसे मात्र यहीं प्रेषित कर रहा हूं।) आज रत्ना को रात भर नींद नहीं आई कारण उसकी बहू को बेटी हुई और उसकी देवरानी को पोता हुआ। हे भगवान ऐसा अंधेर-मैं भी आपकी पूजा करती हूं -सावन में शिव मंदिर में कांवर लेकर जाते हैं।पिछले तीस … Read more

रिश्तों की बदलती बयार – डॉ कंचन शुक्ला :

Moral Stories in Hindi ढोलक की थाप पर सोहर गीत गूंज रहा था पूरा घर खुशियों से भरा था कामिनी दौड़-दौड़कर समारोह की व्यवस्था देख रही थी घर में रिश्तेदारों का जमघट लगा था पूरा घर हंसी-ठिठोली से गुंजायमान हो रहा था हो भी क्यूं ना आज कामिनी के पोते की बरही थी। कामिनी के … Read more

ईर्ष्या -के कामेश्वरी :

Moral Stories in Hindi सपना डोर बेल बजाती है ….. सास रुक्मिणी ने दरवाजा खोला तो उन्हें देखते ही ….. वह मुँह बनाकर चिडचिडाते हुए अंदर चली गई। रुक्मिणी उसके पीछे …… उस से पूछती हुई जा रही थी कि सपना देरी क्यों हो गई है बेटा क्या हो गया है सब्जी वाले के साथ … Read more

हम फिर मिलेंगे कभी – वीणा राज :

Moral Stories in Hindi ठंड के मौसम में चाय की भाप मन को आत्मिक तुष्टि का एहसास करा रही थी. जगजीत सिंह की ग़ज़ल, कप से उठता भाप और पेड़ों से छनकर आती धूप ने बालकनी में बैठी तृषा को स्वर्गिक आनन्द दे रखा था. साथ में मूंगफली के गुलाबी दानों को एक एक कर … Read more

 ईर्ष्या – रेनू अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

राम और लक्ष्मण सगे भाई थे। बचपन में ही उनके माता-पिता का निधन हो गया था। घर में कोई बड़ा नहीं था, इसलिए राम ने बड़े भाई से कहीं ज़्यादा, एक अभिभावक की भूमिका निभाई। उसने लक्ष्मण को सिर्फ भाई नहीं, बेटे की तरह पाला। पढ़ाई से लेकर कपड़े और हर ज़रूरत का ध्यान रखा। … Read more

राज खोलना – डाॅ संजु झा

पिछले कुछ दिनों से बैंक प्रबंधक रमण जी काफी परेशान थे।एक तो दिनभर बैंक में माथा-पच्ची और घर आने पर पत्नी और बच्चों का डरा सहमा चेहरा उनकी पेशानी पर चिंता की रेखाऍं डाल रहा था।पत्नी सीमा ने नाम -पता विहीन पत्र पकड़ाते हुए कहा -“देख लो!तीसरी बार यह धमकी भरा पत्र आ चुका है!अब … Read more

मां चरण स्पर्श –  विनती झुनझुनवाला :Moral Stories in Hindi

बहुत समय से आपको ये पत्र लिखना चाहता था परन्तु हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था लेकिन आज जब ईनू ने वही प्रश्न मुझ से किया जो हमेशा मैं आपसे पूछना चाहता था तो मैं खुद को रोक नहीं पाया, हुआऐसा कि ईनू पार्क में खेलते हुए गिर गया और उसके घुटनों पर चोट लग … Read more

वक्त से डरना चाहिए – प्रतिभा भारद्वाज ‘प्रभा’

“ये रहे घर के कागज, इन्हें आप गिरवी रख लीजिए और मुझे 10 लाख रुपए दे दीजिए…..”प्रशांत ने सेठ दयाल जी से कहा। “बेटा, मैंने तो तुमसे पहले ही कहा था जब तुमने मुझसे 1 लाख रुपए लिए थे कि ये कैंसर जैसी बीमारी होती ही ऐसी है…. न जाने कितना खर्च करवा दे कोई … Read more

 नफा-नुकसान – उमा महाजन 

  सब्जीवाले की आवाज सुनकर कविता, रोमा और निम्मी अपने-अपने घरों से बाहर निकल आईं, ‘क्या बात भैया ? दो दिन आए नहीं, सब ठीक तो है न ?’ कविता ने पूछा।       ‘हां जी मैडम ! बस पास के गांव में अपने माता-पिता से मिलने चला गया था, लेकिन उस दिन आपने मशरूम लाने को कहा … Read more

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