राज खोलना – रेनू अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

आज फिर प्रीति नींद से चौंककर उठ बैठी, उसका चेहरा पसीने से भीगा था। राज ने घबराकर पूछा, “क्या फिर वही सपना देखा?” प्रीति चुप रही, लेकिन उसकी आँखों में डर साफ झलक रहा था। राज ने उसे बाँहों में भरते हुए कहा, “प्रीति, सपने अक्सर वही दर्द दिखाते हैं जिन्हें हम दिल में दबा … Read more

राज खोलना – सीमा सिंघी : Moral Stories in Hindi

दीदी क्या बात है आजकल आपने मायके आना छोड़ ही दिया है।  इस बार गर्मियों की छुट्टी पर भी आप हमसे मिलने नहीं आई ?? नहीं नहीं भाभी ऐसी कोई बात नहीं है। वह तो बस मैं इन दिनों थोड़ा व्यस्त रहने लगी हूं। शिव को भी मैंने इस गर्मी की छुट्टियों में एक्स्ट्रा क्लास … Read more

वक्त से डरो – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

पापा मम्मी आप लोग इस घर से निकल जाइए यह घर अब मेरा है। यहां आपका यह सब पीना पिलाना नहीं चलेगा। क्या कह रहे हो बेटा वक्त से डरो इस उम्र में हम कहां जाएंगे। मुझे नहीं पता आप कहां जाएंगे लेकिन यहां से चले जाइए।सोसाइटी में मेरी बदनामी हो रही है।   आंखों … Read more

आईना – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

सुबह-सुबह आनंदी ने रजत को जल्दी से नहा धोकर कहीं जाने के लिए तैयार होते हुए देखा तो वह समझी कि रजत अपने दोस्तों के साथ कहीं घूमने के लिए जा रहा होगा क्योंकि वह पहले भी ऐसे ही सुबह-सुबह तैयार होकर कई कई दिनों के लिए अपने दोस्तों के साथ बाहर घूमने निकल जाता … Read more

” बच्चे तो बच्चे ठहरे” – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

नियति दुनिया की नज़र मे एक बेहतरीन पत्नी ( जो अपने पति को एक गिलास पानी भी खुद से ना लेकर पीने दे ) एक बेहतरीन माँ ( जो अपने बच्चों पर बिना क्रोध किये उनकी बेहतर परवरिश करती है ) । जब भी कोई मेहमान घर आता नियति की तारीफ करते नही थकता कि … Read more

जीने की कला – रश्मि वैभव गर्ग : Moral Stories in Hindi

सतरंगी थीम थी किट्टी में । सबको हँसने हँसाने वाली ऋतु आज किट्टी पार्टी में नहीं आई थी ।सारी सखियाँ उसे याद कर रहीं थीं । किट्टी को रंग देने वाली वाली ऋतु की कमी सबको खल रही थी । फ़ोन लगा कर ऋतु से उसके न आने का कारण पूछा तो ऋतु ने बताया … Read more

“दोस्त या दुश्मन!” –  सुनीता मौर्या “सुप्रिया” : Moral Stories in Hindi

“राज की बात कह दूँ तो जाने महफिल में फिर क्या हों?” धर्मा फिल्म की कव्वाली की ये लाईन गाते हुए शिखर हॉस्टल के रुम में दाखिल हुआ।  उसका रुममेट सचिन किसी ध्यान में मग्न था…ये गाना सुनकर एकदम  घबरा सा गया…जैसे शिखर उसके ही किसी गहरे राज की बात खोलने के बारे मे कह … Read more

राज खोलना – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

आज जानकीदास इमरजेंसी लेबर रूम के बाहर चिन्ता जनक मुद्रा में बैठे थे। अन्दर उनकी पत्नी पार्वती की डिलीवरी जो होने वाली थी। तभी डाक्टर बहार आकर बताती है देखिए जानकी जी मैंने आपको पहले ही बता दिया था ये केश बहुत की उलझनों से भरा है इसमें ऐसा भी हो सकता हमें बच्चे या … Read more

बेटी एक गहना – कमलेश राणा : Moral Stories in Hindi

वर्षा देख तो जरा बाहर जा कर.. तेरे पापा अभी तक नहीं आए,मुझे बड़ी फिक्र हो रही है। आ जाएंगे मां.. आप यूं ही परेशान हो रही हैं। आपको तो पता है न कि वह किस काम से गए हैं ऐसे कामों में तो देर हो ही जाती है। पता है बेटा लेकिन इस बार … Read more

“एक सास का सपना” – माधवी मूंदरा : Moral Stories in Hindi

इंदु एक होशियार और मेहनती चार्टर्ड अकाउंटेंट थी। शादी के बाद वह अपने करियर और घर के बीच संतुलन बनाने में संघर्ष कर रही थी। सुबह ऑफिस के लिए जल्दी उठना, फिर घर के सारे काम निपटाना और समय पर ऑफिस पहुंचना — यह सब उसके लिए बेहद थकाऊ हो गया था।उसे लगने लगा था … Read more

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