#घर दीवार से नहीं परिवार से बनता है – सरिता कुमारी : Moral Stories in Hindi

परिवार के जिस प्रारूप की परिकल्पना की थी कभी आज वो पूर्णतः प्राप्त हो गई है । वर्तमान समय में यह बड़ा ही दुर्लभ कल्पना का तो हकीकत बनना नामुमकिन ही था लेकिन मैं नाउम्मीद नहीं हुई और हमेशा प्रयत्नशील रही । यह काम बहुत कठिन था । हिंसा भड़काना या दिलों में नफ़रत पैदा … Read more

ईर्ष्या – सुनीता मुखर्जी श्रुति : Moral Stories in Hindi

खूबसूरत रितिका के बाल बहुत ही सुंदर, घुंघराले एवं घुटनों तक लंबे थे‌। जो हर स्त्री की चाहत रितिका के बालों जैसी होती है। कोई भी खूबसूरत बालों का विज्ञापन देखते ही रितिका का नाम जहन में गूंजने लगता। भगवान भी किसी- किसी को बहुत फुर्सत से बनाते हैं। यह सभी बातें रितिका पर एकदम … Read more

ईर्ष्या – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

गोमती के दो बेटे और एक बेटी सुखी और संपन्न परिवार था । गोमती के दोनों बेटों की शादी हो गई और बेटी भी अपने ससुराल में सुखी थी । बेटी की शादी बहुत अच्छे घर में पैसे वालों क्या हुई थी। बेटी नव्या फिर भी अपनी भाभियों से ईशा करती थी नव्या के पास … Read more

 तरक्की – पुष्पा कुमारी ‘पुष्प’ : Moral Stories in Hindi

“मोहित बेटा! तुम अमेरिका से वापस कब लौटे?” अचानक एक जानी पहचानी आवाज सुनकर घर के बाहर खड़े अपने स्कूटर की सफाई कर रहे मोहित का ध्यान भंग हुआ… “अरे अंकल आप! नमस्ते अंकल! बहुत दिनों बाद इधर आना हुआ आपका!” किराया देकर अभी-अभी ऑटो से नीचे उतरे जगदीश्वर जी को देखते ही मोहित ने … Read more

” साड़ी से छुट्टी ” – कमलेश माथुर : Moral Stories in Hindi

अरे निशा कहाँ हो तुम!!! जी !अभी आई।…सुनो- जल्दी से एक कप चाय पिला दो। क्या बात है राजेश!!बहुत खुश नजर आ रहे हो। हाँ एक अच्छी खबर है, मुझे आफिस से छुट्टी मिल गई है और हमारे यूरोप टूर के टिकट आ गई है।  अरे वाह!! यह तो सच में बहुत अच्छी खबर है, … Read more

 विश्वास को खोते देर नहीं लगती – सीमा सिंघी : Moral Stories in Hindi

 विश्वास को खोते देर नहीं लगती आज मौसम बड़ा ही सुहाना था । शाम भी ढ़ल आई थी।आसमान में उड़ते परिंदे भी अपने अपने आशियाने को लौट रहे थे , मगर मेरा मन कहीं और उड़ा जा रहा था । आज से तकरीबन अठाईस साल पहले की प्यार भरी गलियों की ओर । मुझे आज … Read more

ईर्ष्या – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

सुनीता अब इस घर को तोड़कर हम दोनों भाई इस घर को दो हिस्सों में अलग-अलग बनाएंगे। घर बनने तक हम भी किराए पर ही रहेंगे ,तेरे लिए भी 6 महीने का किराया देकर एक घर ले लिया। तेरी बेटी राखी को पढ़ा लिखा कर  विवाह भी कर दिया और वह सरकारी टीचर है, तुम … Read more

ईर्ष्या से आत्मबोध तक – डॉ सोनिका शर्मा : Moral Stories in Hindi

शालिनी की शादी को दस साल हो चुके थे। दो बच्चे, एक नौकरीपेशा पति, और एक रुटीन-सी जिंदगी। सुबह बच्चों के टिफ़िन, दोपहर घर की सफ़ाई, शाम में सबके चेहरे पर मुस्कान बनाए रखने की कोशिश उसकी दुनिया बस इतनी ही थी। एक दिन, स्कूल की रीयूनियन की ख़बर मिली । पहले तो शालिनी जाने … Read more

“एक बूंद ओस की” – सुधा जैन : Moral Stories in Hindi

24 वर्षीय अनन्या संगीत स्कूल में प्राध्यापिका है ।सहज ,सुंदर सरल अनन्या अपने पापा की बहुत चहेती रही है ।बचपन से लेकर बड़े होने तक पापा, पापा करती रही ।सभी उसे पापा की परी के नाम से जानते है । बहुत लाडली थी पापा की। पापा संगीत स्कूल में अध्यापक थे। संगीत के प्रति समर्पित … Read more

मन की पीड़ा – उषा सक्सेना : Moral Stories in Hindi

जीवन को विकास की गतिशीलता ही उसे जीवन्त बनाती है ,जिस दिन यह गति रुक जाये समझो उल्टी गिनती शुरू।व्यक्ति के जीवन की सबसे कठिन अवस्था होती है वृद्धावस्था जो उसेअपने साथ ही लेकर जाती है ,छोड़ती नहीं । इससमय शरीर की सारी इन्द्रियां शिथिल होकर शक्तिहीन होने लगती हैं ‌कभी बचपन में सुना था … Read more

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