दीवार – खुशी : Moral Stories in Hindi

नमिता जी दो बेटों नितिन और निलेश की मां थी एक बेटी आराधना जिसकी शादी की जिम्मेदारी से वो मुक्त हो चुकी थी।पति राजेश जी नाक की सीध में चलने वाले व्यक्ति थे।सुबह दफ्तर और दफ्तर से घर यार दोस्त भी नाम मात्र के थे।इसलिए पूरा निजाम नमिता के पास था।नितिन मल्टीनेशनल कंपनी में काम … Read more

 दूसरी बेटी – गीतू महाजन, : Moral Stories in Hindi

मैंने अपने माता-पिता के घर दूसरी बेटी के रूप में जन्म लिया..उनके लिए तो मैं उनकी दूसरी संतान थी पर बाकी घर वालों और रिश्तेदारों के लिए मैं दूसरी बेटी थी।मेरे जन्म पर माता-पिता के अलावा कोई भी खुश नहीं था..ना ही घर वाले और ना ही रिश्तेदार बल्कि आस पड़ोस वालों का भी मन … Read more

घर दीवारों से नहीं परिवार से बनता है – लक्ष्मी त्यागी : Moral Stories in Hindi 

एक घर ,जिसके बाहर एक ”नामपट्टी ”लगी हुई थी। जिस पर लिखा था -”त्रिपाठी विला ” !उसका लोहे का बड़ा सा मुख्य द्वार बड़ा ही भव्य है। दोमंजिला सुंदर मकान देखकर लगता है ,किसी ने बड़े प्रेम से और पैसा लगाकर इसे बनवाया होगा। उसके बाहर मुख्य द्वार पर, बोगनविलिया की झाड़ियां लगी हुई हैं। … Read more

मन की अशांति -शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

लखनऊ के गोमतीनगर जैसी पाश कॉलोनी में नेहा की आलीशान कोठी सिर उठाये खुले आसमान को निहारते प्रतीत होती। कोठी की भव्यता ही उसका परिचय देने के लिए काफी थी। उसके आसपास के मकान उसके सामने बौने से प्रतीत होते। नेहा और निकुंज अपने दोनों बच्चों सारा एवं श्रेयस के साथ सुख पूर्वक रहते थे। … Read more

ईर्ष्या -हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

जब से विशंभर दयाल  जी ने घर में यह ऐलान किया है कि उनकी संपत्ति में दोनों बेटों के अलावा छोटी बेटी का भी हिस्सा जाएगा तभी से छोटे बेटे पराग का दिमाग चकरा गया है अनचाहे ही वह अपनी छोटी बहन विधि से ईर्ष्या करने लगा, दो बेटों के बाद जब बेटी का जन्म … Read more

 ईर्ष्या : Moral Stories in Hindi

अनामिका अमीर मां-बाप की इकलौती संतान थी। देखने में बहुत खूबसूरत जो भी देखता देखता ही रह जाता परंतु वह बहुत जिद्दी और नकचढ़ी थी। वह हर किसी को नीचा दिखाना चाहती थी और उसको इस काम में बहुत मजा आता था उसके मां-बाप रिश्तेदार भी इस आदत से परेशान रहते थे। बाहर किसी की … Read more

ईर्ष्या – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

प्रकाश नारायण जी अपने दोस्त अविनाश जी की पत्नी को अस्पताल में देखने आए थे। वह बीमार थी ब्रेन हेमरेज हुआ था ।तभी अविनाश के छोटे भाई अनुराग   का बेटा शिखर खाने का टिफिन लेकर आया। शिखर प्रकाश नारायण से नमस्ते करके वहीं बैठ गया ।अविनाश जी मेडिकल स्टोर से कुछ दवाई लेने गए … Read more

“ईर्ष्या “ : Moral Stories in Hindi

“ईर्ष्या “ एक समय की बात है,एक छोटा सा गाँव था जहाँ हरे-भरे खेत और बहती नदी थी ,वहाँ दो दोस्त रहते थे -राहुल और अमन दोनों बचपन से ही गहरे दोस्त थे और उनका रिश्ता बहुत मजबूत था । राहुल स्वभाव से बहुत मेहनती और सीधा साधा था ,जबकि अमन चतुर चालाक और महत्त्व … Read more

कलयुगी रावण – संगीता अग्रवाल

” रिया देखो तो कौन आया है ?” बाहर से पापा की आवाज़ सुन बीस साल की रिया जो फोन पर लगी थी बाहर आई।  ” कौन है पापा ?” बाहर आते आते उसने सवाल किया । ” देखो दादी आई है । आज से ये तुम्हारे कमरे मे ही रहेगी !” माँ दादी के … Read more

दान – पुष्पा कुमारी “पुष्प” : Moral Stories in Hindi

“आप मुझे पाँच रुपए उधार दे सकती हैं क्या?” बस का टिकट पंद्रह रूपए का था और उस लड़के के हाथ में उस इकलौते दस के नोट के अलावा उसके बटुए से एक पाँच सौ का नोट भी झांँक रहा था। इधर बस कंडक्टर उसे पाँच रूपए के बदले पाँच सौ का छुट्टा देने को … Read more

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