“घर जमाई ” – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

“रोहित,अब और मैं यहां नहीं रह सकती।छोटे से घर में मेरा दम घुटता है। पापा मम्मी का इतना बड़ा घर खाली पड़ा है हम लोग वहीं चलकर रहते हैं। पापा भी कितनी बार कह चुके हैं।”नेहा मुंह बनाते हुए बोली। कहने को नेहा और रोहित की लव मैरिज हुई थी पर नेहा शुरू के दिन … Read more

सम्मान की सूखी रोटी – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

सपना अपनी माँ (विमला जी)पापा (विनोद जी) की,एकलौती संतान थी। सपना के मम्मी, पापा ,ने बड़े ही प्यार से पाला था सपना को। वो सारी सुख सुविधा अपनी बेटी देते थे।  सपना में विनोद जी औऱ विमला जी की जान बसती थी। सपना बीस  वर्ष की हो गयी थीं।  विनोद जी पार्क में टहलने गये … Read more

बुधनी…. – डोली पाठक : Moral Stories in Hindi

हां यहीं नाम था उसका…  क्यों कि वो बुधवार को पैदा हुई थी इसलिए माता-पिता ने उसको यहीं नाम दे दिया…  और यही नाम उसकी पहचान बन गई। माता-पिता की सबसे बड़ी संतान होने के कारण बुधनी को विरासत में हीं ढेर सारी जिम्मेदारियां मिल गईं… बचपन में जब सारे बच्चे खेलकूद और मौज-मस्ती में … Read more

मतभेद भले हो, मनभेद नहीं – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

मतभेद भले हो, मनभेद नहीं-कहानी “ ओहो, निशू, आज फिर दूध उफन गया, तेरा ध्यान किधर रहता है , देवर जी को बाहर तक छोड़ तो आई थी?” सरू ने निशू को मीठी डांट पिलाते हुए कहा। “ वो दीदी, क्या है कि दूध को भी मुझसे प्यार हो गया लगता है, ज़रा सी नजर … Read more

सम्मान की सूखी रोटी – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi

समीक्षा, लक्षित जी से शादी कर भरे पूरे परिवार में आई। घर में लक्षित की मां के अलावा के दो बड़े भाई थे ।जिसमें से सबसे बड़े भाई साहब, विनय शादीशुदा थे और उनकी पत्नी और दो बच्चे थे। मंझला भाई शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थ था तो, सासू मां उसके साथ ही व्यस्त … Read more

स्वरा – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

अलार्म बजे जा रहा था और स्वरा बार-बार उसे snooze करके 5 मिनट की एक्स्ट्रा नींद लेने की कोशिश कर रही थी। बार-बार इस तरह अलार्म बजने से उसका हस्बैंड रमेश चिड़चिड़ा गया “स्वरा, पता नहीं कितना आलस भरा है तुममें। अलार्म बजते ही नहीं उठ सकती क्या? सारी नींद खराब कर दी है। आदमी … Read more

चैन की नींद – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    ” लो बेला..पानी पी लो..आज तो लगता है..बहुत थक गई हो..।” बेला को पानी का गिलास थमाते हुए रामनाथ ने पूछा तो वो पानी पीते हुए नीचे बैठ गई और बोली,” हाँ भईया..आज हम महिलाओं को सीमेंट की बोरियाँ भी ढ़ोनी पड़ी थी..पर कोई बात नहीं..रूही और आपको देखकर सारी थकान उतर गई..मैं अभी खाना … Read more

ताकत – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

  अपने ही घर में उन दरिंदों द्वारा तार-तार कर दी गई अपनी बेटी की अस्मिता पर माँ और बेटी दोनों ही जार-जार रो रही थीं। वहीं पास में बेटी के पिता लाचार एवं असहाय खड़े थे क्योंकि दोनों दरिंदें राजनीति एवं पैसे की दृष्टि से बहुत रसूखदार एवं ताकतवर थे। तीनों ही अपने आप को … Read more

आत्म मंथन – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

कितनी उम्मीदों से शहर आया था कार्तिक कि उसकी जॉब लग जाएगी और वो अपनी मां को भी यहीं बुला लेगा अपने पास। कार्तिक एक होनहार इंजीनियर था जिसे उसकी मां ने बड़ी मेहनत से पढ़ाया था,भले ही अपने यहां का वो टॉपर था लेकिन दिल्ली जैसे महानगर में आकर उसे महसूस हुआ कि यहां … Read more

“टूटी तकदीर के रंग” – डॉ० मनीषा भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

गाँव की पगडंडी पर नीरा की चप्पलों के निशान उसकी ज़िंदगी की तरह धुँधले पड़े थे। पिता का देहांत होने पर घर में रखा कुम्हार का चाक टूट गया था। माँ कहती, “हमारी तकदीर फूट गई है, बेटी।” पर नीरा की उँगलियाँ मिट्टी को सहलाने के लिए बेचैन रहतीं। एक दिन उसने टूटे चाक के … Read more

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