आंसू पीकर रह जाना – खुशी : Moral Stories in Hindi

नलिनी एक अध्यापिका थीं उसके दो बच्चे थे।अदिति और आदित्य ।उसके पति निरजन गुस्सैल स्वभाव के थे।उन्हें हर चीज जगह पर बच्चों की हर बात पूरी होनी चाहिए।यदि नलिनी किसी काम में लगी हो और वो बच्चों की आवाज पर हाजिर ना हो तो उसकी रिमांड लग जाती।बाहर निरंजन दिखाता की मैं अपनी पत्नी को … Read more

 कठोर कदम – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi

आरोही ,एक आम मध्यमवर्गीय लड़की का रिश्ता जब गुड़गांव के एक नामी परिवार से आया तो घर में सब फूले नहीं समा रहे थे। एक तरफ जहां उसके रूप और गुणों की चर्चा शुरू से ही घर परिवार और रिश्तेदारी में थी, वहीं संस्कार और परिवार में भी कोई कमी न थी। सब देख समझ … Read more

घर दीवार से नहीं परिवार से बनता है – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

अरे मम्मी आप क्यों झाड़ू लगा रही हो भाभी कहां गई ।घर में घुसते ही निभि ने मां से पूछा ,अरे बेटा आ गई तू गले से बेटी को लगाते हुए रेखा जी ने कहा। अरे क्या बताएं ।अरे ये आपकी उम्र है काम करने की आप क्यों झाड़ू लगा रही थी ।अरे काम वाली … Read more

एक कदम – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

“ कितनी अजीब बात है ना सुहास… कल तक मुझे चुप करवाने वाले को आज बोलने के लिए मेरी इजाज़त की ज़रूरत पड़ने लगी…।” दृष्टि सुहास को देखते हुए बोली  सुहास चाह कर भी कुछ बोल ना पाया… बस एकटक दृष्टि को देखता रहा और आँखों से अविरल अश्रु धारा बहती जा रही थी…. चाहती … Read more

घर दीवारों से नहीं, परिवार से बनता है – मीनाक्षी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

सुबह की पहली आहट अभी ठीक से हुई भी न थी कि सीमा की आँख खुल गई। अलार्म की हल्की-सी आवाज़ उसके लिए दिन की शुरुआत का संकेत थी, पर जब वह बिस्तर से उठी तो देखा कि उसके सास-ससुर, प्रकाश जी और सुशीला जी, पहले ही जाग चुके थे। सुशीला जी ने हमेशा की … Read more

सुनो सबकी करो मन की – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

फोन की घंटी बजते ही मुग्धा भाग कर जाती है तो दूसरी तरफ से मां की आवाज सुनकर उसके चेहरे पर रौनक आ जाती है।और सुनाओ बेटा….”कब से घंटी बज रही थी कहां व्यस्त थी तू? तुझे तो फुर्सत ही नहीं होती की मां को फोन लगा लिया करे” संगीता जी बिटिया से गुस्से में … Read more

घर दीवार से नहीं परिवार से बनता है  – क़े कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

 आपकी बेटी हमें भा गई है …….. हमारा बेटा साहिल ने भी इस रिश्ते के लिए हाँ कह दिया है …….. खुशी से सुदर्शन और उनकी पत्नी संचिता ने मनोज जी से कह दिया । उनकी बातें सुनकर मनोज जी खुश हो गए थे…. पत्नी सरोज ने आँखों से इशारा किया कि उनसे आगे की … Read more

आंसू पीकर रह जाना -प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

मेघा खूब खुश थी क्योंकि की कितने सालों के बाद वो राखी मनाने भईया के घर जा रही थी। मां – पापा के जाने के बाद तो सारा त्योहार ही सूना हो गया था। मायका ही नहीं बचा था। सब तैयारी कर ली, बाजार जाकर पूरे परिवार के लिए कपड़े खरीदे और राखी मिठाई सब … Read more

 घर या मकान – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

       हालात कुछ ऐसे बने की घर की सबसे छोटी लाडली बेटी सुमी की शादी बिना ज्यादा देखे परखे प्रेम से तय हो गई, और अगले हफ्ते ही शादी भी हो गई।कस्बानुमा शहर में अपना पुराना लेकिन काफी खुल्ला घर था। कहना तो नहीं चाहिए लेकिन परिवार के साथ साथ शादी में आए नाते रिशतेदारों को … Read more

घर दीवार से नहीं परिवार से बनता हैI – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

घर दीवार से नहीं परिवार से बनता है सुलोचना,पर तुम तो रात दिन कोई ना कोई जाल ही बुनती रहती हो। कभी मम्मी – पापा के खिलाफ तो कभी मेरे भाई बहन और उसकी नई नवेली दुल्हन रागिनी के खिलाफ। मैं चुपचाप रहा इतने दिनों तक की शायद तुम्हें परिवार की अहमियत कभी ना कभी … Read more

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