एक अनोखा शुभ विवाह – अर्चना खण्डेलवाल: Moral Stories in Hindi

सतीश जी सुबह की ठंडी हवा का आनंद ले रहे थे, मालती जी दो चाय के कप लेकर आ गई, और एक कप उठाकर घूंट -घूंट पीने लगी। इतनी चुप क्यों हो? सतीश जी ने अखबार के पन्नों से नजर हटाकर पूछा, वो सोना के विवाह की चिंता हो रही है, ससुराल और मायके में … Read more

 अब तू हमारा बेटा कम इसका पति ज्यादा हैं !! – स्वाती जैंन: Moral Stories in Hindi

क्या पता , डॉक्टर ने सचमुच बेडरेस्ट कहा भी हैं या सागर और सुहानी मुझसे झुठ बोल रहे हैं ?? आजकल की बहुएं प्रेंग्नेंट क्या होती हैं बेचारी सासो को ही कामवाली बना देती हैं , अब मुझे ही देख लो तीन दिन से महारानी तो बेड़ पर मजे से आराम कर रही हैं और … Read more

पगला कहीं का- रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

लाला फकीर चंद की तंद्रा अब धीरे धीरे लौट रही थी। विलुप्त सा हो गया अहसास पुनर्जीवित हो रहा था। उन्हे लगा जैसे पूरे शरीर में आग सी लगी हुई है। ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी धधकती हुई भट्टी के निकट लेट रहे हैं। पहले धुंधला सा और धीरे धीरे कुछ स्पष्ट सा … Read more

 जीवनसाथी – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” आप दोनो का शुभ विवाह सम्पन्न हुआ अब आप पति पत्नी है , अपने सभी बड़ो से आशीर्वाद लीजिये !” विवाह सम्पन्न कराते हुए पंडित जी वर वधू पर पुष्प वर्षा करते हुए बोले । पर नित्या जो अभी अभी राज की पत्नी बनी थी वो तो जैसे वहाँ होकर भी वहाँ नही थी … Read more

पड़ गयी कलेजे में ठंडक – अनामिका मिश्रा : Moral Stories in Hindi

दो दोस्त थे अशोक और दीपक। दोनों गांव में पले बढ़े थे। अशोक बहुत महत्वाकांक्षी नहीं था,वो गांव में ही किसानी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था।उसी जगह दीपक शहर में रहकर काम करना चाहता था और उसकी इच्छा भी पूरी हो गई।दोनों के स्वभाव विपरीत थेपरंतु मित्रता घनिष्ठ थी।  एक बार … Read more

और उसूल बदल गए – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

सुबह से तीन बार माँ का फ़ोन आ चुका था, लेकिन राशि बात नहीं कर सकी। जाहिर है, सुबह सुबह काम ही इतने होते है कि किसी से बात करनी तो क्या ढ़ग से बैठ कर एक कप चाय पीने की भी फ़ुरसत नहीं होती। पराग को आफिस और शान को स्कूल भेजकर ही वो … Read more

हम देवरानी जेठानी नहीं हम तो छोटी बड़ी बहनें हैं – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

ये क्या जिज्जी तुम्हारी दोनों बहुओं को देखकर तो लगता ही नहीं है कि ये दोनों देवरानी जेठानी है । दोनों कितना हंसती मुस्कुराती रहती है और मिलजुल कर काम करती है ।एक हमारी बहुएं है एक दूसरे को देखकर जली कुढी जाती है। दोनों एक दूसरे की शक्ल नहीं देखना चाहतीं । आपने ऐसा … Read more

नई सुबह – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

सुभाष जिया से कुछ कहने की कोशिश कर रहा था और कई तरह की भूमिकाएं बना रहा था।वो सोच रहा था कि जिया को कैसे बताए कि वो उससे तलाक लेना चाहता है। जिया रोज की तरह सुबह से अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में लगी थी पर वो बहुत उदास थी। मुरझाया सा उसका चेहरा … Read more

विवाह में क्या ज़रूरी? – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

गरिमा की शादी थी, तो घर को सजाया जा रहा था। क्योंकि हम भारतीयों में शादी वाले घर दूल्हा दुल्हन की तरह सजाए जाते हैं। चाहे कोई भी राज्य हो या किसी भी धर्म की शादी हो, उसकी रौनक तो देखने लायक होती है। गांव में शादी घरों के और शहरों में शादी वाले घर … Read more

बिटिया रानी बड़ी सयानी – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

        सुन रही हो , दस बज गए …अभी तक उठने का नाम नहीं है ….पापा ऑफिस चले गये हैं….पता नहीं कैसे कटेगी इसकी जिंदगी…..दिन भर सोना और देर रात तक मोबाइल चलाना …! जब ससुराल जायेगी ना तब पता चलेगा….. ऐसा बड़बड़ाना साधना के जिन्दगी का एक हिस्सा बन गया था I रोज बेटी तान्या … Read more

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