पहला स्कूल – एम. पी. सिंह : Moral Stories in Hindi

पिता जी की तेरवी के बाद, सुमित ने अपनी मॉ कमल देवी से कहा, मॉ, अब आप भी हमारे साथ शहर चलो, यहाँ गावँ में अकेली रहेगी तो पिताजी की याद आएगी ओर आप परेशान होती रहेंगी। बेटे का दिल रखने के लिए मॉ ने कहा, अभी थोड़े दिन यहीं रहने दे, अगली बार जब … Read more

रसोई किसकी– बहू या सासूमाँ की – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

 सीजन के पहले दिन कटहल की सब्जी बड़े उत्साह और मेहनत से सौम्या ने बनाया था….। वाह क्या सब्जी बनी है कटहल की… सच में बहुत स्वादिष्ट लग रही है डाइनिंग टेबल पर बैठकर सभी कटहल की सब्जी की तारीफ कर – कर के चटकारे ले-ले कर खाये जा रहे थे….। रसोई से सौम्या ये … Read more

अंगारे उगलना – अनिता मंदिलवार “सपना ” : Moral Stories in Hindi

 राज और अंकिता के घर दूसरी बेटी ने जन्म लिया तो अंकिता की जेठानी प्रिया ने मुँह बनाते हुए कहा कि अब तो दो बेटियाँ आ गई अभी से दहेज जोड़ना शुरु कर दो । उस पर राज ने कहा कि बेटियाँ क्या बेटों से कम होती है भाभी ? प्रिया को अपने दो बेटों … Read more

बहु को बेटी मानो राज मिलेगा – सरिता सिंह : Moral Stories in Hindi

एक शादी के कार्यक्रम में राजन की श्रद्धा से मुलाकात हुई…. श्रद्धा पीले रंगका सलवार पहले सहेलियों को मेहंदी लगा रही थी लंबे खुले बालों के बीच कुंदन जैसा चमकता हुआ चेहरा एक अलग ही अभावी खेल रहा था यह दुल्हन की सहेली थी… दुल्हन यानी की राजन के मां की लड़की… श्रद्धा का ऐसा … Read more

मां की बातों का क्या बुरा मानना – पूनम भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

तन्मय ने अपनी पसंद से शादी तो कर ली।लेकिन सरिता जी को अपनी बहू तनिषा रत्ती भर भी पसंद नही थी।उन्हें तनिषा का ऑफिस जाना… तन्मय को नाम लेकर बुलाना बहुत अखरता था। तनीषा का चुलबुलापन जहां सबको लुभाता वहीं सरिता जी जल भुन जाती। वह तनीषा को सुनाने से चूकती नही थी, मगर तनीषा … Read more

मायका का सम्मान – शुभ्रा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

विजया की भाभी ने जब सुना कि आज विजया के ससुराल वालो को उसकी सास ने आज रात खाना पर बुलाया है तो उसने बहुत हंगामा किया और कहा कि मै खाना नहीं बनाउंगी। इस बात को विजया और उसकी देवरानी ने सुन लिया। यह बात जानने पर उसके पति ने उसे खूब डांटा। विजया … Read more

हाय राम ! मेरी तो तकदीर ही फूट गई जो ऐसी बहु आई| – प्रीति श्रीवास्तवा : Moral Stories in Hindi

शारदा देवी की आँखें मंदिर के सामने बैठे-बैठे भर आई थीं। उनकी हथेलियों में जपमाला थी, पर मन जप में नहीं, अपने बिखरे हुए घर में उलझा हुआ था। हर दिन जैसे एक ही वाक्य उनके होंठों से निकलता – “हाय राम! मेरी तो तक़दीर ही फूट गई जो ऐसी बहू इस घर में आई।” … Read more

पड़ गई कलेजे में ठंडक – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

डाक्टर सुमोना ने लेबर रूम से बाहर आकर बोली सात्विक जी हम आपके बच्चे को नहीं बचा पाए ।पेट के बल गिरने से बच्चे के सिर में चोट लग गई थी और बच्चा पेट में ही मर गया था। इतना सुनते ही सात्विक की मम्मी शालिनी जी बिफर पड़ी बेटे पर ।पड़ गई तुम दोनों … Read more

सोच बदल गयी – डा० विजय लक्ष्मी : Moral Stories in Hindi

देवकी जी के सीने में उबलते ज्वालामुखी के लावा जैसे धधक रहा था जब उनके बेटे निखिल ने एक दिन घर आकर कहा , “मां, मैंने शादी कर ली है।” “किससे?” “उससे,… कोमल की ओर इशारा करते हुए माँ से कहा  वही ऑफिस वाली।” देवकी जी ने माथा पीट लिया। “हाय राम! पढ़ी-लिखी और ऊपर … Read more

मीठा बोलो- मिश्री घोलो – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

“ मैडम जी, प्लीज मेरा रूम बदल दें, मुझे संगीत के साथ नहीं रहना, सिर्फ नाम की संगीत है, एक भी सुर  सीधा नहीं निकलता”।वेदा ने कालिज आफिस में आकर कहा      “ क्यों क्या हो गया, हरलीन मैडम ने चशमा उपर करते हुए कहा”।      मैडम संगीत और मैं रूम मेट है, अब एक कमरे में … Read more

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