कठपुतली – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

चारदीवारी के भीतर बड़ी सी कोठी, दर्जनों नौकर-चाकर। संसार की तमाम सुख-सुविधाएं जैसे कुबेर का खजाना इसी घर में हो। सुदर्शन पति आरव …अति व्यस्त , अहंकारी फैशनपरस्त,जरा सा भी  किसी काम में चूक बर्दाश्त नहीं है। आज बुजुर्ग सेवक के हाथों से कीमती विदेशी टी सेट गिरकर टूट गया। आरव ने झट थप्पड़ चला … Read more

ऊपर वाले की नज़र – प्रतिभा  सिन्हा : Moral Stories in Hindi

” बहु, मुझे चक्कर  आ रहे हैं ।  तुम्हारे पापा ( ससुर जी ) को एक ग्लास  गर्म  पानी दे देना । उन्हें दवा खाना  है ।” कहते हुए  जैसे ही रमा देवी किचन   की चौखट से जैसे ही  बाहर निकलीं , वे अपने-आप  को सम्हाल  नहीं पाईं और चक्कर  खाकर धड़ाम  से गिर … Read more

बहू! ये मत भूलो भगवान सब देख रहा है! – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

“हमें अफसोस है लाख कोशिश कर के भी हम आपकी पत्नी को बचा नहीं सके”!आपरेशन थियेटर से निकल कर डाक्टर ने मुंह से मास्क उतार कर रमन से कहा! रमन हक्का बक्का सा कभी मां कमला जी को तो कभी अपनी दस साल की बेटी मानू को देख जमीन पर धम्म से बैठ गया!और मानू … Read more

कठपुतली – के आर अमित : Moral Stories in Hindi

नहर से बहती आ रही एक औरत की लाश पर जैसे ही आसपास के लोगों की नजर पड़ी लोग तुरन्त उस तरफ भागने लगे। लोगों ने देखा एक औरत जो कम उम्र की ही लग रही थी पानी की धाराओं में धीरे धीरे बहती जा रही थी। उनमे सी किसी ने तुरंत पुलिस को फ़ोन … Read more

हवाई यात्रा – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

सभी यात्रियों से अनुरोध है सुरक्षा पेटी बांध लें।हमारा वायुयान उड़ान भरने वाला है… एयरहोस्टेस की मीठी आवाज सुन सुधा ने जल्दी से अपनी सीट की बेल्ट ढूंढी और लगाने की कोशिश करने लगी लेकिन बढ़ती घबराहट से उसे बेल्ट कसने में दिक्कत आने लगी…सहसा उसे वह दिन याद आ गया…! गांव की प्राथमिक पाठशाला … Read more

फ़ैसला – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

संजीव ! जा एक बार अपनी माँ को आई० सी० यू० में जाकर देख कर आ …. बड़ा जी घबरा रहा है बेटा । बाबा , इस तरह बार-बार जाने नहीं देते …. अब तो शाम को ही जा सकते हैं । चलिए, आपको घर छोड़कर आता हूँ । अभी मीना और नीरा यहीं है … Read more

आसमान पर उड़ना – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

नीरा को तीन-तीन बेटों की माॅं बनने का घमंड तो पहले से ही था।चौथी बार भी बेटे की माॅं बनने पर वह आसमान में उड़ने लगी। उसे अपने चारों बेटे अजूबा लगते थे।उसे भ्रम था कि परिवार और समाज उसके चारों बेटे को देखकर जलते हैं,इस कारण वह सदैव अपने बेटों के साथ रहती। स्कूल … Read more

कठपुतली – स्वाती जैंन : Moral Stories in Hindi

अरे , बड़ी बहु तुम क्या करोगी यह पर्स खरीद कर , तुम कौन सा नौकरी पर जाती हो ?? तुम्हें तो वैसे भी दो वक्त का खाना ही तो बनाना होता हैं , सास सुशीला जी ने उसकी बहू राखी के हाथ से पर्स खींचते हुए बोला और पर्स बेचने वाले भैया से बोली … Read more

डोर टूटी नहीं, लौट आई — एक कठपुतली की वापसी – ज्योति आहूजा : Moral Stories in Hindi

सीमा इस साल 42 की हो चली थी। चेहरे पर अब भी वही गर्मजोशी थी, लेकिन आँखों के नीचे के हल्के गड्ढे अब गवाह थे कि उसने बहुत कुछ सहा है — चुपचाप। घर के काम, बच्चों की ज़िम्मेदारी, बूढ़े सास-ससुर की दवाइयाँ — सब कुछ संभालते-संभालते वो खुद को कब पीछे छोड़ आई, उसे … Read more

कठपुतली – डा० विजय लक्ष्मी : Moral Stories in Hindi

साफ-सुथरे आंगन में तुलसी चौरे पर दिया जलाकर मीना जैसे रोज ही भगवान को नमस्कार करती थी। वह एक आदर्श बहू थी – सास-ससुर का मान, पति मनोज का सम्मान, और दो प्यारे बच्चों की ममतामयी माँ। मीना पढ़ी-लिखी थी, पर शादी के बाद उसने खुद को परिवार में समर्पित कर दिया था। मनोज जब … Read more

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