“चुप्पी के पार” – ज्योति आहूजा : Moral Stories in Hindi

रश्मि की सुबह अलार्म से नहीं, ज़िम्मेदारियों से शुरू होती थी। पाँच बजते ही दिन उसके इशारों पर नहीं, वो दिन के इशारों पर चलने लगती। राकेश की चाय, बच्चों का टिफ़िन, कपड़े प्रेस करने से लेकर नाश्ते तक — हर चीज़ समय से। लेकिन एक काम था जिसे उसने खुद से थोड़ा अलग रखा … Read more

वो एक पल – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

आज पैंतीस साल बाद अलवर की जमीन पर पांव रखने का सौभाग्य मिला था। मेरा हायर सेकेंडरी का परिणाम आने के पहले ही पिताजी का अलवर से भोपाल ट्रांसफर हो गया था। वहां से बीटैक करने के बाद मैं ऑस्ट्रेलिया चला गया था। फिर जीवन का एक लंबा अरसा सीमेंट व  लोहे के अनुपात और … Read more

“मृगतृष्णा का जाल ” – मृणाल सिंह सतना : Moral Stories in Hindi

राधिका अपने आफिस सेलौटी तो फाटक पर ताला लगा हुआ था।पर्स से चाबी निकाल कर ताला खोल कर अंदर आ गयी पूरे घर में सन्नाटा पसरा हुआ था अकेले घबरा उठी हाथ मुंह धोकर कपड़े बदलकर बाहर बगीचे में मेंहदी के झाड़ के नीचे बैठ गई मेंहदी के फ़ूल अपनी भीनी-भीनी खुशबू चारों तरफ़ बिखेर … Read more

कठपुतली – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

मेरा मन का बावरा पंछी यादों के झरोखों से निकल ससुराल के रीति-रिवाजों को भूल,घर गृहस्थी के बंधन तोड़ मायके की चौखट लांघ बाबुल के आंगन में खट्टी मीठी यादों का चुग्गा लेने जा पहुंचा! जहां दादी भगवानके आगे आसन पर  बैठी मनकों की माला फेरती राम राम का जाप तो जरूर कर रहीं थी … Read more

कठपुतली – खुशी : Moral Stories in Hindi

सुषमा एक सभ्य संस्कारी लड़की थी उसका रिश्ता राजीव के साथ हुआ जो पेशे से डॉक्टर था।सास ससुर को संस्कारी घर संभालने वाली बहु चाहिए थी जबकि राजीव चाहता था कि लड़की भी डॉक्टर हो ताकि उसे और उसके प्रोफ़ेशन को समझ सके। पर रामनाथ के आगे उसकी एक न।चली और सुषमा बहू बनकर आ … Read more

*भगवान सब देखता है* – प्रतिमा पाठक : Moral Stories in Hindi

“बहू, ये मत भूलो कि भगवान सब कुछ देखता है!” — कहते-कहते लीला जी की आंखों से अश्रुधारा बह निकली। उनके चेहरे पर गहरी पीड़ा और असहायता साफ झलक रही थी। लीला जी एक साधारण, पर सुसंस्कृत परिवार की स्त्री थीं। उनके पति राजेन्द्र जी स्कूल शिक्षक रह चुके थे—ईमानदारी, सादगी और आदर्श जिनकी पहचान … Read more

बहु यह मत भूलो कि भगवान सब देखता है। – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

  आखिर सासु मां ने अपना अंतिम तीर यानी की अंतिम वाक्य छोड़ ही दिया, बहु यह मत भूलो कि भगवान सब देखता है। शांत भाव से सुनते हुए माधवी ने सासू मां के पैर छूते हुए कहा जी मां जी और अपना सामान लेकर कमरे से निकल गई।          भावना जी का एक बेटा और एक … Read more

आसमान पर उड़ना – रश्मि वैभव गर्ग : Moral Stories in Hindi

श्रेया की नई नई शादी हुई थी। नवीन और श्रेया की लव मैरिज थी । नवीन और श्रेया दोनों एक ही कंपनी में नौकरी करते थे । नौकरी के दौरान ही दोनों की मुलाक़ात हुई थी । दोनों ही शादी के बाद बेहद ख़ुश थे । श्रेया के तो पैर ज़मीन पर नहीं पड़ते थे, … Read more

कठपुतली – डोली पाठक : Moral Stories in Hindi

विवाह के तीस बरस बाद भी बाबूजी का वहीं रवैया रहा अम्मा के प्रति… हर बात पर उन्हें झिड़कियां देना और उनके अक्षर ज्ञान पर फब्तियां कसना.. ये सब देख कर बड़ी बहू को हमेशा हीं बहुत बुरा लगता और चाह कर भी कुछ नहीं कर पाती… अम्मा के तीनों बेटों पर भी पिता के … Read more

बहू ये मत भूलो कि भगवान सब देखता है – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

बेटा कई दिनों से कह रहा हूं कि मेरा चश्मा टूट गया है। मुझे बहुत दिक्कत होती है और दवाइयां भी खत्म हो गई है। तुम सब इतनी बार बाहर जाते हो, कितनी खरीददारी करते हो लेकिन मेरी जरूरतों को नजरंदाज कैसे कर सकते हो? सुरेश जी आज बहुत परेशान हो गए थे तब अपने … Read more

error: Content is protected !!