सास को बहू की तकलीफ़ नहीं दिखती है। – परमा दत्त झा : Moral Stories in Hindi

अयी महारानी ऊठो,सुबह के आठ बज गये, क्यों चाय नहीं देनी-सास राधा अपनी बहू माया को ताने मारकर जगा रही थी। माया दस साल पहले व्याह कर इस घर में आयी थी ,सास के व्यवहार से तंग आ गयी थी।खांसकर जुबान से आग उगलती थी। आज मेरी तबियत ठीक नहीं है -वह धीमे स्वर में … Read more

सीख – सुनीता मुखर्जी “श्रुति “: Moral Stories in Hindi

आराधना की प्रथम पोस्टिंग महानगर में हुई। वह बड़ी-बड़ी इमारतें, मॉल, सिनेमा घर, और पार्क और भीड़ भाड़ देखकर अवाक थी । उसने यह सब टेलीविजन में देखे था। एक छोटे से गांव की बाला …कम उम्र में ही उसका विवाह हो गया।  विवाह के पश्चात उसने पढ़ाई करने की ठानी,और यह संकल्प लिया कि … Read more

मैं कठपुतली तो नहीं – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

“नंदिनी …नंदिनी!” बाहर से राधा की आवाज सुनकर नंदिनी रसोई से बाहर निकली। बाहर गेट पर राधा खड़ी थी, उसकी पड़ोसन। “ क्या बात है राधा? “नंदिनी तुमसे कुछ कहना था!” “ हां बोलो?” “ तुम्हें पता है मेले में कठपुतली का डांस आया है। चलोगी? चलो ना। बहुत मज़ा आता है कितना दिन हो … Read more

जब मानवता बोल उठी। – ज्योति आहूजा

अप्रैल 2021 — कोरोना की दूसरी लहर पूरे देश में कहर बरपा रही थी। अस्पतालों में लंबी कतारें, ऑक्सीजन की कमी, और हर घर में चिंता का माहौल था। इन्हीं दिनों संध्या की तबीयत अचानक बिगड़ गई। तेज़ बुखार और साँस की दिक्कत ने  संध्या के पति अमित और पूरे परिवार को घबरा दिया। कोरोना … Read more

 प्यारा रिश्ता – संगीता अग्रवाल 

“बेटा शादी के बाद तो सबको एडजस्ट करना ही पड़ता है तुम नए थोड़ी हो!” बेटे बहू की खटपट का पता लगने पर स्वाति जी अपने बेटे श्रेयांश को समझाते हुए बोली। ” पर मम्मा मेरी खुद की भी तो लाइफ है महक चाहती है मैं उसके साथ रहूं बस , यार दोस्त सब छोड़ … Read more

मोह – खुशी : Moral Stories in Hindi

सरला जी एक कर्तव्यनिष्ट महिला थी सुबह स्कूल जाना स्कूल जाने से पहले घर का सारा काम करती थी।पहले नौकर कहा हुआ करते थे उनके पति राघव भी स्कूल में अध्यापक थे पर वो दिन की शिफ्ट में जाते थे।पहले वो चूल्हे पर सारा खाना बना कर जाती।पर फिर उन्होंने राघव जी से कहा गैस … Read more

बस अब और नहीं – कमलेश राणा : Moral Stories in Hindi

मुक्ता की शादी को आठ साल बीत चुके थे पर अभी तक उसकी गोद सूनी थी। हालांकि आशीष ने कभी उसे इस कमी का अहसास नहीं होने दिया था दोनों अपनी जिंदगी में बहुत खुश थे लेकिन जब भी वे किसी फंक्शन में जाते तो ऐसा लगता कि जैसे बच्चा न होना बहुत बड़ा गुनाह … Read more

एक औरत कठपुतली नहीं – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

नताशा ने जैसे ही दरवाजा खोला उसकी आंखे आंसू से भीग गयी उसे लगा जमीन पर जाके गड़ जाऊं ,,पर क्या जीवन का अंत आसान है, वो दो बच्चों के बारे में सोचकर सह जाती है। हुआ यू कि नताशा के पति को पीने की आदत हो गई है।अब ये है, कि जिंदगी के इस … Read more

  न भई न! ‘मैं’ मैं ही ठीक हूँ – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

      ‘अमिता, मेरी नीली कमीज प्रेस नहीं की? कल सुबह तुम्हें बोलकर घर से निकला था। आज मेरी प्रेजेन्टेशन है।मुझे वही कमीज पहननी थी।पता नहीं तुम्हारा ध्यान कहाँ रहता है?’       ओह सॉरी,भुवन! दरअसल कल कपड़े प्रेस करने के लिए समय ही नहीं मिल पाया। मैं अभी प्रेस कर देती हूँ।       ‘समय नहीं मिल पाया ?? बाई- … Read more

“स्वाति मेरा टिफिन तैयार है क्या”- एकता बिश्नोई : Moral Stories in Hindi

“माँ मेरा नाश्ता लगा दो, मुझे कॉलेज को देर हो रही है।”“मम्मी मेरी यूनिफॉर्म कहाँ रख दी आपने? मिल नहीं रही है  ढूंँढ कर दे दो जरा …।”“बहू एक गिलास पानी देना…दवा खानी है मुझे।”ये उसकी दिनचर्या के वे शब्द  थे जो स्वाति रोज सुनती थी पर पलट कर इनका कोई उत्तर नहीं दे पाती … Read more

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