आईना – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

सुबह-सुबह आनंदी ने रजत को जल्दी से नहा धोकर कहीं जाने के लिए तैयार होते हुए देखा तो वह समझी कि रजत अपने दोस्तों के साथ कहीं घूमने के लिए जा रहा होगा क्योंकि वह पहले भी ऐसे ही सुबह-सुबह तैयार होकर कई कई दिनों के लिए अपने दोस्तों के साथ बाहर घूमने निकल जाता … Read more

” बच्चे तो बच्चे ठहरे” – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

नियति दुनिया की नज़र मे एक बेहतरीन पत्नी ( जो अपने पति को एक गिलास पानी भी खुद से ना लेकर पीने दे ) एक बेहतरीन माँ ( जो अपने बच्चों पर बिना क्रोध किये उनकी बेहतर परवरिश करती है ) । जब भी कोई मेहमान घर आता नियति की तारीफ करते नही थकता कि … Read more

जीने की कला – रश्मि वैभव गर्ग : Moral Stories in Hindi

सतरंगी थीम थी किट्टी में । सबको हँसने हँसाने वाली ऋतु आज किट्टी पार्टी में नहीं आई थी ।सारी सखियाँ उसे याद कर रहीं थीं । किट्टी को रंग देने वाली वाली ऋतु की कमी सबको खल रही थी । फ़ोन लगा कर ऋतु से उसके न आने का कारण पूछा तो ऋतु ने बताया … Read more

“दोस्त या दुश्मन!” –  सुनीता मौर्या “सुप्रिया” : Moral Stories in Hindi

“राज की बात कह दूँ तो जाने महफिल में फिर क्या हों?” धर्मा फिल्म की कव्वाली की ये लाईन गाते हुए शिखर हॉस्टल के रुम में दाखिल हुआ।  उसका रुममेट सचिन किसी ध्यान में मग्न था…ये गाना सुनकर एकदम  घबरा सा गया…जैसे शिखर उसके ही किसी गहरे राज की बात खोलने के बारे मे कह … Read more

राज खोलना – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

आज जानकीदास इमरजेंसी लेबर रूम के बाहर चिन्ता जनक मुद्रा में बैठे थे। अन्दर उनकी पत्नी पार्वती की डिलीवरी जो होने वाली थी। तभी डाक्टर बहार आकर बताती है देखिए जानकी जी मैंने आपको पहले ही बता दिया था ये केश बहुत की उलझनों से भरा है इसमें ऐसा भी हो सकता हमें बच्चे या … Read more

बेटी एक गहना – कमलेश राणा : Moral Stories in Hindi

वर्षा देख तो जरा बाहर जा कर.. तेरे पापा अभी तक नहीं आए,मुझे बड़ी फिक्र हो रही है। आ जाएंगे मां.. आप यूं ही परेशान हो रही हैं। आपको तो पता है न कि वह किस काम से गए हैं ऐसे कामों में तो देर हो ही जाती है। पता है बेटा लेकिन इस बार … Read more

“एक सास का सपना” – माधवी मूंदरा : Moral Stories in Hindi

इंदु एक होशियार और मेहनती चार्टर्ड अकाउंटेंट थी। शादी के बाद वह अपने करियर और घर के बीच संतुलन बनाने में संघर्ष कर रही थी। सुबह ऑफिस के लिए जल्दी उठना, फिर घर के सारे काम निपटाना और समय पर ऑफिस पहुंचना — यह सब उसके लिए बेहद थकाऊ हो गया था।उसे लगने लगा था … Read more

राज़ खोलना – लक्ष्मी त्यागी : Moral Stories in Hindi

विनिता ने, चुपचाप किसी को कुछ भी बताये बग़ैर अपने दोस्त के साथ एक योजना बनाई।जब  वह अपने दोस्त के साथ बैठी हुई बातें कर रही थी। तब उन दोनों के पीछे उसका छह साल का बेटा वहीं पर सो रहा था। विनीता ने अपने दोस्त से, एक ‘केक’ लाने के लिए कहा था। तभी … Read more

देवरानी के सपनो का आशियाना !! – स्वाती जैन : Moral Stories in Hindi

देवरानी नीलू के नए घर को देखकर जेठानी माया की आंखों से टपटप आंसू बह पड़े मगर उसने तुरंत अपने आंसुओं को छुपाते हुए कहा – नीलू बहुत अच्छा काम करवाया हैं घर में , तुम्हारा घर बहुत प्यारा हैं और कम से कम तुम इस घर को अपने सपनों का घर तो कह सकती … Read more

जितनी चादर उतने पैर फैलाना – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

“आज फिर कुछ नया सामान… ये रोज़ रोज़ नया सामान… कभी छोटे की जगह बड़ा फ्रीज, कभी बड़ी टीवी तो कभी नया सोफ़ा… सब फ्री में आ रहा है ? या कोई लॉटरी लग गई देवर जी की इतने पैसे कहां से आए सुधीर ? देवर जी कुछ गलत काम तो नहीं कर रहे?” आज … Read more

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