कमजोरी – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

“हां!हां!रात होने से पहले ही लौट आएंगे मम्मी।पिछले पच्चीस सालों से यही एक बात मैं समझ नहीं पाई।आपको रात से क्या दिक्कत है? मम्मी,कभी -कभी परिस्थितियों के चलते रात हो जाती है लौटने में।कभी मीटिंग देर तक चलती है,कभी कैब नहीं मिलता।तुम्हें पता है ना, ट्रेवल करना कितना मुश्किल है यहां।तुम चिंता मत करना ना।मैं … Read more

काली रात- श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

अपनी मौसेरी बहन की शादी अटेंड करके आनंद अपने परिवार के साथ वापस घर लौट रहा था। रात का समय था। सभी गप्पें मारते, हॅंसी मजाक करते हुए गाड़ी में अपना सफर तय कर रहे थे। फ्रंट सीट पर आनंद, ड्राइवर के साथ बैठा था। बीच वाली सीट पर उसके माता-पिता, छोटी बहन और पीछे … Read more

अंधेरा के बाद का उजाला – लतिका पल्लवी :

मोबाईल बजा तो मीता नें अपनी बेटी से कहा देख तो सोनम पापा का फोन है?उनसे पूछना तो आज रात मे  निकलेगे या कल चलेंगे?  मीता रसोई मे आटा गुंथ रही थी इसलिए वह मोबाईल  नहीं उठा सकती थी। अतः उसने रसोई से फोन उठाने के लिए बेटी को आवाज लगाई।बेटी नें मोबाईल देख कर … Read more

अच्छे लोग भी हैं – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

      पिछले एक हफ्ते से आरोही कालिज में होने वाले प्रोग्राम की तैयारी में लगी हुई थी। लेक्चरार तो वो साईंस विषय में थी, लेकिन उसकी कल्चरल प्रोगरामों में बहुत रूचि थी और संगीत की लैक्चरार स्नेहा से उसकी दोस्ती भी बहुत थी। तो प्रिसिंपल साहब भी उसे स्नेहा का साथ देने के इच्छुक रहते और … Read more

जीना सीख लिया – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

          ” ये क्या मीनू…तूने फिर से कमरे में अंधेरा कर लिया।बेटी…बीती बात को भुला कर आगे बढ़ना चाहिये..और रोशनी के साथ…।” कहते हुए मालती ने कमरे की बत्ती जला दी तो मीनू चीख पड़ी,” नहीं माँ..बंद कर बत्ती…मुझे रोशनी नहीं…।” कहते हुए उसने अपने दोनों हाथों से चेहरा छुपा लिया।बेटी को अपने कलेज़े से लगाते … Read more

पति पत्नी और धोखा – गीतू महाजन : Moral Stories in Hindi

दरवाज़े की घंटी ने डाइनिंग टेबल पर ऊंघती हुई माहिरा को उठा दिया था।अपने पति राघव का इंतज़ार करती माहिरा को लगा कि दरवाज़े पर उसका पति ही होगा पर दरवाज़ा खोलते ही सामने पड़ोसन नित्या का पति सार्थक खड़ा था।नित्या आज शाम को मायके जाते हुए उसे अपने फ्लैट की चाबी थमा गई थी। … Read more

ख्वाहिश – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

शादी के  बाद अंकिता जब खाना बनाने के लिए रसोई की तरफ जा रही थी कि तभी उसकी सास अहिल्या बोली “बहु कोई जरूरत नहीं है तुम्हें रसोई में जाने की खाना मैं बना दूंगी तुम अपने कमरे में चलो मुझे तुमसे कुछ जरूरी बात करनी है।” कहीं मुझसे कोई गलती तो नहीं हो गई … Read more

काली रात – सुदर्शन सचदेवा  : Moral Stories in Hindi

शहर की चकाचौंध से दूर, पहाड़ों के बीच बसा एक छोटा कस्बा था। कस्बा दिन में साधारण दिखता, लेकिन रात ढलते ही उसके चारों ओर एक सन्नाटा फैल जाता। लोग कहते थे कि यहाँ की रातें आम रातों जैसी नहीं होतीं, बल्कि काली रातें होती हैं—इतनी गहरी कि अपनी ही परछाई भी डराने लगे। अमित, … Read more

काली रात – अनामिका मिश्रा : Moral Stories in Hindi

रौशनी मध्यम वर्गीय परिवार से थी।माता-पिता और एक छोटा भाई उसके परिवार में थे। रौशनी पढ़ाई के साथ-साथ प्राइवेट जॉब कर रही थी।पिताजी की सरकारी नौकरी थी,उसी में गुजर बसर हो रहा था। मां रौशनी से- “‘इतनी रात को श्वेता ने तुझे अपने घर बुलाया है,और तू जाने को तैयार भी हो गई,उसका घर जानती … Read more

वो काली रात – प्रतिमा पाठक : Moral Stories in Hindi

कहाँ खोई हो वसुधा…?कहता हुआ राज उसके पास पहुच गया,पर वसुधा अपनी ही धुन में खोई हुई थी , उसे राज के आने की भनक भी न हुई।तभी राज ने उसके कंधा पर हाथ रखा तो वसुधा की तंद्रा टूटी। क्या हुआ फिर वही सब सोच रही हो?क्यों तुम बार बार एक ही बात को … Read more

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