इंसानियत अभी जिंदा है – मंजू ओमर
कल्लू वो कल्लू कहां घूम रहा है। कितने दिनों से तुम्हें फोन लगा रहा हूं ,पर फोन बंद था रहा है।कहां था इतने दिन से ।बस बाबूजी फोन रिचार्ज नहीं था ।आजकल कहीं काम नहीं मिल रहा था पास में पैसे नहीं थे तो रिचार्ज नहीं कर पाया ।अच्छा इधर आ घरमें कुछ काम कराना … Read more