बाबा तेरे आंगन की….- लतिका श्रीवास्तव
चलिए कन्यादान की रस्म होने वाली है पंडितजी बुला रहे हैं मेघा ने आकर कहा तो रामेश्वर जी के दिल में एक हलचल सी मच गई मानो प्राचीन रस्म रिवाज वर्जनाओं की बेड़ियां तोड़ने को बेताब हो गए हों। जब से निम्मी की शादी तय हुई अजीब सी आकुलता उनके मन को बेचैन करती रहती … Read more