फूलों का तारों का सबका कहना है, कई हजारों में मेरी बहना है – सुधा जैन

#बड़ी_बहन मैं हेमंत अपनी बड़ी बहन सुधा दीदीके लिए कुछ लिखूं …. ऐसी मेरी सामर्थ नहीं है ।पर जब बात “बड़ी बहन मां के समान होती है” विषय पर लिखने की है तो मेरी कलम बहुत कुछ लिखना चाहती है… अपने दिल की बात आप सबको बताना चाहती है….। मेरी बड़ी बहन मुझ से 3 … Read more

मंजू माँ – मौसमी चन्द्रा

डोरबेल बजाने के साथ दरवाजा भी थपथपाया जा रहा था। मैं समझ गयी हमारी मेड होगी। इतनी जल्दबाजी उसे ही रहती है फिर भी आदतन मैंने होल से झांका तो वही खड़ी दिखाई दी। मुझे हँसी आयी उसका पका चेहरा देखकर! दरवाजा खोलते ही उसका जोरदार प्रश्न- “हेतना देरी काहे लगा देहलू?” “सो रही थी” … Read more

बैरी पिया (भाग दो ) -अनुपमा

भाग एक अब तक आपने पढ़ा की सुरजीत की शादी राजवीर से हो जाती है और राजवीर कनाडा वापिस चला जाता है वहां से कुछ दिन तक तो लगातार संपर्क मैं रहता है परंतु वो सुरजीत को कनाडा ले जाने की बात को हमेशा टालता ही रहता है और धीरे धीरे राजवीर के फोन आने … Read more

कामवाली –  ऋतु अग्रवाल

  “भाभी जी, आज मैं काम पर नहीं आऊँगी।” मीरा के फोन उठाते ही उसकी कामवाली मुन्नी की आवाज आई।       “अरे!क्या हो गया? तूने परसों ही तो छुट्टी ली थी। आज फिर! तेरा तो यह रोज का काम हो गया।” मीरा गुस्साते हुए बोली।     “भाभी जी! क्या करूँ? परसों से बिटिया को उल्टी, दस्त लगे हुए … Read more

कामवाली बाई – गोविंद गुप्ता

राजेश और करुणा एक ही शहर में एक ही कम्पनी में जॉब करते थे, मजे से रहते थे कोई बच्चा नही था तो छुट्टी के समय घूमने निकल जाते थे, लाकडाउन हुआ तो ऑनलाइन कार्य करने लगे पर यहां काम का कोई समय नही था टारगेट होता था जिसे पूरा करते करते रात भी हो … Read more

सिंहनी – सारिका चौरसिया

फुर्ती से सारी जिम्मेदारियां निभाती मन ही मन जानती भी थी कि रिश्ते सिर्फ़ वक्ती हैं,, चाह कर भी ना नहीं कर पाती। हँसती खिलखिलाती वह सदैव हर एक कि मदद को तैयार रहती। उम्र बीतती गयी,, बालों में सफ़ेदी झांकती गयी, गहरी लाल बिंदी और गहरी तथा चेहरे पर मुस्कान की रेखा छोटी! और … Read more

पूनम का चांद -सारिका चौरसिया

आज मन सुबह से ही कुछ उदास था,पिछली ढेरों बातें दिमाग में घूम रही थी, अपमान और पीड़ा का धुँआ आंखों में सुलग रहा था,, एक बार फिर उसी दर्द से आज दिल उबल रहा था। सब आ रहे हैं! बुआ,फूफा जी बच्चे…..उत्साहित सी माता जी! बच्चों को सूचना दे रही थी। समझ रही थी … Read more

उफ़ ये गर्मी – किश्वर अंजुम

रीना, आंगन धोने को नल मत खोल, बोरिंग को टेर के निकाल पानी, पता है न! ओवरहेड टैंक में पानी बिजली से चढ़ता है, तेरे लिए थोड़ी बिजली खर्च करेंगे। मैडम ने गुर्राते हुए कहा। इतनी गर्मी में बाहर आकर मेड को डांटने से उनके माथे पर पसीना आ गया। टिशू पेपर से नज़ाकत से … Read more

मुझे गिफ्ट में जीजू चाहिएं – संगीता अग्रवाल

रागिनी के आंसू छलक आए आते भी क्यो ना बात इतनी खुशी की थी और ये आंसू तो खुशी हो या गम छलक ही आते हैं आज उसकी लाडली बहन डॉक्टर बन गई थी उसके त्याग की आज जीत हुई थी। उसके चारु ( अपनी छोटी बहन ) को गले से लगा लिया। ” अरे … Read more

रिश्ता –  निभा राजीव

नीता सोफे पर बैठी टीवी देख रही थी। अचानक हाथ पर किसी का स्पर्श पाकर उसने मुड़कर देखा। उसकी ननद की 3 वर्षीय मूक बेटी रिया वहां बैठी थी, जिसे उसके पति ऋषि ननद की लम्बी बीमारी से मृत्यु के बाद अपने साथ ले आए थे। वह बोल नहीं सकती थी और उसका इलाज चल … Read more

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