जूते…!! – विनोद सिन्हा “सुदामा”
नमन सुबह से मुँह फुलाए बैठा था.! माँ संगीता के लाख कहने पर भी वह न तो कुछ खा रहा था और ना ही पी रहा था बस जिद्द पर अड़ा एक ही रट लगाए था कि… मुझे नये जूते ला दो.! मुझे नये जूते ला दो.!! माँ बेचारी कहे जा रही थी..! बेटा अभी … Read more