प्यार का घरौंदा – बीना शुक्ला अवस्थी

” सर्वज्ञ, मैं कैसे दीदी को अकेला छोड़कर तुमसे शादी कर लूॅ? मेरी दीदी ने मुझे मॉ से अधिक प्यार और ममता दी है,  मैं ही उनकी जिन्दगी हूॅ।” ” तुम ही बताओ, मैं क्या करूॅ? शादी बाद दीदी हम लोगों के साथ भी तो रह सकती हैं। वह तो सचमुच बहुत अच्छी हैं लेकिन … Read more

जैसा करोगे वैसा ही तो फल मिलेगा – हेमलता गुप्ता

क्या बात है भाभी… बड़ी मुरझाई मुरझाई लग रही हो बेटे की शादी के बाद तो चेहरे की रौनक ही उड़ गई लगता है बहु रानी गरम-गरम रोटियां नहीं दे रही.? रिश्तेदारी की शादी में आई अपनी बड़ी ननद मधु की बात सुनकर सुशीला बोली….. अरे काहे की गरम-गरम रोटी.. यहां तो अगर एक कप … Read more

लोगों का काम है – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 58 वर्षीय विधुर भाई प्रकाश की बातें सुनकर सभी हैरान और गुस्से में थे। उसका अपनी दूसरी शादी के बारे में सोचना सभी को नागवार गुजरा। बड़े भाई नवीन ने कहा-” यह भी कोई उम्र है विवाह की, चार-पांच साल बाद बेटे का विवाह करके बहू ले आना, दो बेटियों का विवाह कर चुके हो, … Read more

कुछ तो लोग कहेंगे – सीमा सिंघी

अरे बहू ये क्या कर रही हो?? तुमने तो विवाह के चार दिन बाद ही साड़ी छोड़कर सलवार कमीज अपने बदन पर डाल लिया है। अब तुम्हें ये याद रखना होगा,तुम अपने मायके में नहीं ससुराल में हो। न जाने आजकल की लड़कियों को क्या हो गया है। जो तनिक भी नहीं सोचती है।  अरे … Read more

सेवा को मेवा – विमला गुगलानी

   विनायक और राजवंत दो भाई और एक बहन दंमयंती।शहर के पास बसा एक  गांव जो कि अब बड़े कस्बे में परिवर्तित हो चुका था जहां पर इस परिवार का बसेरा था। हरिप्रसाद जी की यहां पर बहुत पुरानी बर्तनों की दुकान जहां पर किसी जमानें में पीतल, कांसे, लोहे , भरत के बर्तन मिलते थे, … Read more

कुछ तो लोग कहेगे – रीतू गुप्ता

आज ऐसे लग रहा था घर की दीवारे भी रो रही हो ।  हर किसी की आँख में आंसू थे , आखिर भगवान ऐसे कैसे इतना  निर्दयी हो सकते है, जो अंकुश को असमय मौत दे दी।  मीता अंकुश की पत्नी २ छोटे छोटे बच्चो  और बुढ़ी सास के साथ कैसे वक़्त गुजरेगी?  कैसे घर … Read more

बेटी को बेटी ही रहने दो – शिव कुमारी शुक्ला

ड्राइंग रूम में गहमागहमी का वातावरण था। लड़केवाले स्वाति को देखने आए थे। लड़का स्वयं अपने मम्मी-पापा के साथ आया था। स्वाति के मम्मी-पापा ने बड़ी ही  गर्म जोशी से उनका स्वागत किया । आइए मिश्रा जी आपका ही इंतजार कर रहे थे कहते हुए शुक्ला जी ने हाथ मिलाया और आने में कोई दिक्कत … Read more

अपना किया लौट कर ज़रूर आता है ……. – सिन्नी पाण्डेय

ये कहानी है सोना की जो एक ब्राम्हण परिवार की इकलौती बहू है और शादी को 8 साल हो चुके हैं,एक बेटे की मां है पर आज भी वो एक नवविवाहिता की भांति हर दिन अपने को साबित करने और अपना अस्तित्व तलाशने में जुट जाती है। आइये आपका परिचय कराते हैं सोना के पतिदेव … Read more

कर्मों का चक्र चलता रहता हैं। – विनीता सिंह

दिल्लीः के प्रगति  के पास आर -के हमसे गाड़ियों को बहुत बड़ा शोरूम था इस शोरूम के मालिक राम कपूर की थे बहुत ईमानदार और बहुत मेहनती और अपने साथ काम करने वालों की बहुत ज्यादा इज्जत करते थे और सब लोग उनकी बहुत सम्मान करते हैं पहले वह भी अपने गांव से आए और … Read more

विश्वासघात – मंजू ओमर

आज अनूप अपने बड़े भाई का कालर पकड़कर घर से बाहर निकाल रहा था ,चले जाओ यहां से कुछ नहीं है तुम्हारा यहां। आसपास खड़ी अनूप की दोनों बड़ी बहनें अनूप को समझा रही थी क्या कर रहे हो अनूप बड़ा भाई है तुम्हारा। देखो अनूप ज़र, ज़मीन, पैसा में किसी का हक नहीं मारना … Read more

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