प्यार का घरौंदा – बीना शुक्ला अवस्थी
” सर्वज्ञ, मैं कैसे दीदी को अकेला छोड़कर तुमसे शादी कर लूॅ? मेरी दीदी ने मुझे मॉ से अधिक प्यार और ममता दी है, मैं ही उनकी जिन्दगी हूॅ।” ” तुम ही बताओ, मैं क्या करूॅ? शादी बाद दीदी हम लोगों के साथ भी तो रह सकती हैं। वह तो सचमुच बहुत अच्छी हैं लेकिन … Read more