समझौता – अभिलाषा कक्कड़
दौर आते जाते रहते हैं लेकिन यादें मीठी कड़वी छोड़ जाते हैं । जी हाँ मैं बात कर रही हूँ दौर दशक 80 और 90 के बीच का जब बहुत कुछ आज के समय से अलग था । बच्चों की शिक्षा से लेकर शादी ब्याह तक के फ़ैसले माता-पिता ही लेते थे , औ र … Read more