मां तुमने मेरे लिए क्या किया है – पुष्पा ठाकुर 

जब देखो बगल वाले घर में रहने वाली रीता आंटी के घर से यही शोर शराबा सुनाई पड़ता था कि मां तुमने हमारे लिए कुछ नहीं किया…        रीता आंटी कम पढ़ी लिखी या कहो कि न के बराबर पढ़ी लिखी एक साधारण सी महिला हैं , जिनके पति चौहान जी शिक्षक थे।लगभग बारह वर्ष पहले … Read more

अच्छे लोगों के साथ बुरा -गीता वाधवानी

शिवानी की नई-नई शादी हुई थी। उसकी ससुराल के लोग बहुत अच्छे थे। वह प्रतीक से शादी करके बहुत खुश थी। थोड़े दिनों में दिवाली आने वाली थी और शिवानी को अपनी मां की बहुत चिंता सता रही थी क्योंकि वह दूसरे शहर में घर में बिल्कुल अकेली थी।       शिवानी के माता-पिता बहुत सुलझे हुए … Read more

जाने कहां गये वो दिन – डा.मधु आंधीवाल

धीरे धीरे गुम होगया बचपन  कभी नहीं भूल पायेगे उम्र होगयी पचपन,   एक ऐसा बिषय लिखो तो पूरा उपन्यास लिख जाये क्योंकि अब बच्चों के बच्चे भी बहुत बड़े हो गये पर मै तो अब भी अपने बीते दिनों को जीवन्त करती हूँ । शादी को 50 साल पूरे होगये वह बात दूसरी है कि … Read more

जो भी है बस यही एक पल है – कमलेश राणा

शुचि की नई नई शादी हुई थी जैसा पति वह चाहती थी आकाश बिल्कुल वैसा ही था,, एकदम उसके सपनों के राजकुमार जैसा,, सुबह गार्डन में चाय की चुस्की के साथ जो सुबह शुरू होती तो दिन प्यार के साये में कब गुजर जाता,, पता ही नहीं चलता,, शाम को दोनों हाथों में हाथ डाले … Read more

वह भोली सी लड़की – निभा राजीव “निर्वी”

इतने लंबे अरसे के बाद गांव आकर विनय को बहुत अच्छा लग रहा था। यहां की ताजी हवा और स्वच्छ वातावरण उसमें मानो एक नई ऊर्जा का संचार कर रहे थे।                  दरअसल विनय के पिता का पैतृक घर यही गांव में था। परंतु बाद में पिता की नौकरी शहर में लग जाने के बाद उन्होंने … Read more

“जिंदगी और कुछ भी नहीं कभी खुशी कभी गम की कहानी है”  – सुधा जैन 

अपने आसपास नजर डालती हूं तो हर जीवन एक कहानी है। जिसमें कभी खुशी है और कभी गम है। मेरी यह कहानी मेरी जिंदगी के एकदम करीब मेरे हमसफर की कहानी है । मेरे हमसफर का जीवन हमेशा कभी खुशी और कभी गम के साए में घिरा रहा। चार भाई-बहनों का परिवार ….पापा शिक्षक …मम्मी … Read more

पहला करवा चौथ” – कुमुद मोहन

निया!तुम्हें मेरी कसम लो ये थोड़ा सा जूस पी लो !मैने मम्मी से भी पूछ लिया उन्होनें भी परमिशन दे दी”समर अपनी नई नवेली दुल्हन से बहुत मनुहार कर के कह रहा था जो आज उसके लिए करवा चौथ का व्रत किये थी! निया और समर का ब्याह अभी कुछ दिन पहले ही हुआ था! … Read more

खोटा सिक्का – ऋतु गुप्ता

मधु जी की आज तेरहवीं है पिछले दस बारह दिनों से लोग आनंद जी से मिलने आ रहे हैं, उनकी पत्नी की मृत्यु के बाद उन्हें सांत्वना देने के लिए। मधु जी पिछले डेढ़ बरस से बीमार थी ,एक दिन काम करते-करते वो सीढ़ियों से फिसल गई और रीढ़ की हड्डी में चोट लग गई … Read more

खुशियों की चाबी!! – प्रियंका मुदगिल

काव्या का मन बहुत बेचैन हो रहा था। उसकी शादी को पाँच साल हो चुके थे….पर अभीतक भगवान ने उसकी गोद सूनी रखी थी। फिर भी वह खुश रहने की पूरी कोशिश करती….पर आज उसके दिल के जख्म हरे हो गए। उसकी बहुत अच्छी सखी सीमा के घर उसके बेटे की नामकरण विधि चल रही … Read more

मृत्यु दंड – सुधा शर्मा 

काश्मीर की खूबसूरत वादियों में खोई वह बर्फ के पर्वतों को देखती रह जाती, प्रकृति की सुन्दरता को कितनी देर तक निहारती रहती।           अक्सर विकी उससे कहता,”कहाँ खोई रहती है तू सपनों की दुनिया में ?” “मुझे अच्छा लगता है विकी।इन में डूब जाने को मन करता है।”               ‘ मेरे मन में डूब जाओ , … Read more

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