ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा – डॉ. पारुल अग्रवाल
प्रिया आज जब शाम को की आज शाम को टहल रही थी तो पीछे से किसी ने डॉक्टर प्रिया कह कर आवाज़ दी, प्रिया एकदम से चौंक गई क्योंकि कम ही लोग उसके नाम के आगे डॉक्टर लगाते थे। उसने पीछे मुड़कर देखा तो उसकी ही सोसायटी में रहने वाली नीरजा थी। औपचारिक बातचीत के … Read more