“असली स्वर्ग” – अनुज सारस्वत

                          “ऐसे घर में रहने से अच्छा है मैं मर जाऊं कहीं चला जाऊं , जब आओ पत्नी के ताने, मां के ताने, अकेला आदमी करे तो क्या करें मेरा दिमाग खराब कर दिया है दोनों ने मिलकर “ गुस्से में तिलमिलाता हुआ सुबोध ने चीखकर कहा, पूरे घर में शांति छा गई और सब … Read more

परिवार की असली कीमत – सरगम भट्ट

रमेश और सुषमा बहुत खुश हुए जब उनके घर बेटी पैदा हुई , उन्होंने सारे गांव वालों को दावत पर बुलाया , रमेश एक दर्जी था जो गांव में बहुत मशहूर था । अरे रमेश मुझे अपने साले की शादी में जाना है , मेरे लिए एक अच्छा सा सूट सिला दो । क्यों नहीं … Read more

“छोटी बहू का परिवार” – भावना ठाकर ‘भावु’

शादी का शोर थम गया मानसी ने  ससुराल की दहलीज़ पर कदम रखा ही था की सास, जेठानी और ननंद ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए। एक तो ससुराल कैसा होता है उसका मिश्र वर्णन मायके में अलग-अलग मुँह से सुन लिया था तो थोड़ी डरी हुई थी मानसी। पर मायके का दामन छोड़ … Read more

अपने ही परिवार में ये दीवार कैसी…. रश्मि प्रकाश 

“ बेटा तेरी दादी की तबियत बहुत ख़राब है ना जाने क्यों वो तेरे से मिलने की ज़िद्द किए बैठी है …. हो सके तो तू समय निकाल कर आ जा.. दो साल से मायके के चक्कर भी नहीं लगा पाई है ।” दुखी स्वर में दमयंती अपनी बेटी वाणी से बोल रही थी  “ … Read more

तुम्हारे बंधन में ही हमारी भलाई भी है और सुख भी…बहू!! – मीनू झा 

मम्मीजी पापाजी,रोहन और वंश…आज हमारे क्लब की जो मीटिंग थी उसमें हम सब सदस्यों  ने  मिलकर ये निर्णय लिया है कि आजादी का ये अमृत महोत्सव जो हम मना रहे हैं ये तभी सफल हो सकता है जब हम अपनी तरफ से सबको आजादी दें मतलब अपने लोगों को अपनों को क्योंकि हर शुरुआत घर … Read more

दिल में चुभती फांस – अर्चना नाकरा

शादी को अभी जुम्मा जुम्मा साल ही हुआ था इतनी  सुन्दर बहू.. राशि.. ! ऊपर से दीपावली पर मां ने ‘सितारों जड़ी साड़ी भेजी थी ‘ वो,बेहद खूबसूरत लग रही थी सास बार-बार  ‘उसकी नजरें उतार रही थी’ पति .. राघव,तो देख देखकर निहाल हो रहे थे दीयों की जगमग उसके चेहरे की खुशी के … Read more

आईने का सच – माता प्रसाद दुबे

“अरे ये क्या हुआ मेरा खूबसूरत आइना घर के बाहर कैसे पहुंच गया?” खिड़की से बाहर की ओर देखते हुए ममता बोली। उसका खूबसूरत आईना बाहर हवा में लटका हुआ नजर आ रहा था। वह जल्दी से घर के बाहर निकल आई। ममता आईने के करीब पहुंच कर ठिठक गई। आईने मे खुद का चेहरा … Read more

दीप शिखा – पुष्पा जोशी

आज दीपशिखा बंगले में चारों तरफ रोशनाई हो रही थी। दीपावली का त्यौहार था,पिछले बरस पूरा बंगला अंधकार में डूबा था,घर का चिराग दीपेश धनतेरस के दिन, आतिशबाजी से हुए एक हादसे में,इस संसार को छोड़कर चला गया था।पूरा परिवार शोक संतप्त था,और शिखा  के जीवन से तो जैसे सारे रंग ही रूठ गए थे।समय … Read more

रूपजीवनी – जयश्री बिरमी : Moral Stories in Hindi

 Moral Stories in Hindi : दीक्षा छुटपन से ही बहुत चंचल थी,स्कूल ,कॉलेज में और दोस्तों के बीच बहुत ही पसंद की जाती थी।सुंदर तो थी ही उपर से थोड़ी स्मार्ट और पढ़ाई में लायक इन सब बातें उसका आत्म विश्वास को बनाएं रखती था।  पढ़ाई के साथ साथ उसने छोटे मोटे काफी क्लासेज कर … Read more

अगर अब हाथ उठाया तो मुझसे बुरा कोई नहीं  – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

 Moral Stories in Hindi : शालू -क्यूँ मार रहे हो मुझे ,,बच्चें देख रहे हैं ,,आखिर मेरी क्या गलती हैं जो रोज शाम को मुझ पर जानवरों की तरह टूट पड़ते हो ! पत्नी हूँ तुम्हारी ! ये बच्चें ना होते तो कबका छोड़कर चली जाती तुझ जैसे घटिया इंसान को ! खबरदार अगर अब … Read more

error: Content is protected !!