मोगरे के फूल – रवीन्द्र कान्त त्यागी

किसी सीनेमाई प्रेमी प्रेमिका की तरह दरियाए लिद्दर को पार करके हम दोनों देवदार के घने जंगल में पहुँच गए हैं। एक छोटी सी जलधारा बर्फ के छोटे छोटे टुकड़ों को अपने साथ बहाती, पत्थरों से अठखेलियाँ करती हुई, अपनी बड़ी बहन लिद्दर में विलीन हो जाने को बेताब देवदार और चीड़ आच्छादित ढलानों से … Read more

सुबह का भूला – संजय मृदुल

फाइव स्टार होटल जैसा अस्पताल, भीड़-भाड़ के बीच अल्पना अकेली बैठी है बड़ी सी लॉबी में कॉफी शॉप की एक टेबल पर। कॉफी से उठता धुँवा अल्पना की आंखों में उतर आया है। पापाजी का ऑपरेशन चल रहा है, तीन दिन पहले सुबह-सुबह सीने में दर्द उठा। अल्पना ने जैसे तैसे व्यवस्था कर अस्पताल में … Read more

मिट्टी का टीवी,,,,, – मंजू तिवारी

बात लगभग 30 साल पुरानी है। जब प्रीति कक्षा 5 में पढ़ती थी,, उस समय कक्षा में 5 बोर्ड परीक्षा हुआ करता थी  उस समय परीक्षा में लिखित परीक्षा के साथ-साथ आर्ट एंड क्राफ्ट भी हुआ करता था जिसमें सभी बच्चे मिट्टी के खिलौने बनाया करते थे,,,, कोई तरबूज बनाता कोई खरबूजा बनाता ज्यादातर बच्चे … Read more

आखिर क्यों.. – रीटा मक्कड़

कितने खुश थे आज घर में सब.. बिटिया के लिए इतने अच्छे घर से रिश्ता जो आया था। लेकिन बिटिया नीरजा अभी भी उस रिश्ते के लिए हामी नही भर रही थी। उसको लगता था कि लोग क्या कहेंगे  क्योंकि लड़के वालों का घर उनके घर से थोड़ी ही दूरी पर था। राजीव एक निहायत … Read more

आजादी पर एक माँ, बहू और पत्नी का भी हक है… – सुल्ताना खातून 

मम्मी यूनीफॉर्म आयरन है ना…मुझे जल्दी निकालना है… ईन्डीपेन्डेंस डे है ना… मम्मी मेरे जुते…. अनीता मेरी घड़ी नहीं मिल रही…मेरी टाई.. जल्दी नाश्ता लगा दो.. देर ना हो जाए… बहू इस बार मुझे भी जाना है आजादी की जश्न मनाने इस बार रिटायर्ड लोग भी आमंत्रित है फैक्ट्री में… मेरी भी हेल्प कर दो … Read more

कभी खुशी कभी गम – स्वाती जैंन

कोमल के लिए आकाश का रिश्ता आया था इस खबर से ही पूरा परिवार खुश हो गया था !! कोमल एक मध्यम परिवार की लड़की थी , माँ – पिताजी ने खूब मेहनत करके पढ़ाया- लिखाया था और इस काबिल बनाया था कि कोमल आज अपने पैरों पर खड़ी थी शायद यही वजह थी कि … Read more

 परिवार ही असली धन हैं !! – स्वाती जैंन

वाह संध्या , यह चटक लाल रंग तुम पर खुब जँच रहा हैं और तुम्हारे पतिदेव ,उनके भाईयों और ससुरजी  ने तो एक ही रंग की शेरवानी पहनी हुई हैं रोशनी बोली !!                             हाँ रोशनी, खास दिवाली के लिए ही यह लाल रंग की साड़ी खरीदी है , यही नही मम्मीजी , जेठानी सरीता भाभी … Read more

जिंदगी कभी धूप तो कभी छांव भी – ज्योति आहूजा

समीर और गौरी एक ऐसा जोड़ा जिन की मिसाल पूरा खानदान और सभी दोस्त दिया करते| इनकी शादी को दो साल हो चुके थे|  समीर बैंक में काम करता था और गौरी एक  होम  मेकर| खाना बनाने में माहिर थी  गौरी| कुछ चीजें तो वह इतनी टेस्टी बनाती कि समीर उंगलियां चाटता रह जाता| उसके … Read more

भाभी बिना मायका सूना है – सविता गोयल

” हैलो माँ , मैं कुछ दिनों के लिए वहाँ आ रही हूँ । ,,  प्रिया ने फोन पर अपनी माँ नीता जी से कहा। ” ये तो बहुत अच्छी बात है बेटा…. लेकिन तूं तो बोल रही थी इस बार तुमलोग कहीं बाहर घूमने जा रहे हो   !! ,, ” अरे माँ, रहने … Read more

भटकती राहें -सोनिया निशांत कुशवाहा

रिया स्कूल से वापस आई तो मुझे उसका बैग कुछ ज्यादा ही भारी भरकम सा महसूस हुआ। स्कूल बैग रैक में रखने की बजाय वो उसे लेकर कपड़े बदलने चली गई। मेरा दिमाग कुछ खतरे का संकेत दे रहा था। आखिर ऐसा क्या है मेरी 15 साल की बेटी के बैग में जो वो छिपाने … Read more

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