माँ की वापसी – अंकित चहल ‘विशेष’ : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : बीबी रसोईघर में थी। पति तेज आवाज में बोला – सरिता, आज माँ आ रही है। मैं माँ को स्टेशन लेने जा रहा हूँ। इतना सुनते ही सरिता ने माथा सलवटों से भरकर कहा- ले आओ मैंने कब मना किया है, तुम्हारी माँ लाओ या मत लाओ। मेरी माँ क्या … Read more

भई वाह !! परिवार हो तो ऐसा  – मीनाक्षी सिंह : i Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : मधू जी – अरे सुनते हो ,,बहू को दर्द शुरू हो गए हैं ,,आकाश को फ़ोन कर दो ,,जल्दी आ जाये ! तब तक हम गाड़ी से अस्पताल पहुंचते हैं !  कैलाश जी – हाँ हाँ ,,ठीक हैं ,,तुम बहू को संभालों ,,मै गाड़ी निकालता हूँ ! समीर ( कैलाश … Read more

ससुराल गेंदा फूल, – सुषमा यादव

जीवन भर की पूंजी हमारा परिवार होता है। एक परिवार में प्यार, अनुभव, संस्कार, तथा अनुशासन के बहुत मायने होते हैं। इनके बिना एक खुशहाल परिवार बिखर सकता है,, जीवन में संघर्ष, कठिनाईयां, परेशानियां तो आती रहतीं हैं, हमें धैर्य पूर्वक सबका सामना करना चाहिए। परिवार में हर व्यक्ति की सोच, व्यवहार में अंतर होता … Read more

माँ मत जाओ –  बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 Moral Stories in Hindi : अच्छा विक्रम ये बताओ परिवार पति पत्नी और बच्चों से ही तो बनता है ना?       बिल्कुल सनी परिवार पति पत्नी और बच्चो से ही बनता है पर आदर्श परिवार में माता पिता भी शामिल होते हैं यानि तीन पीढ़ी।       अब यदि किसी माता पिता के दो या तीन बेटे हो … Read more

बहू भी अब हमारे परिवार का अहम हिस्सा है – ज्योति आहूजा

गौरव और नलिनी दोनों की अरेंज मैरिज थी। गौरव एक इंजीनियर था। पढ़ा लिखा स्मार्ट और गुड लुकिंग था। उसके अपनी शादी को लेकर कुछ अरमान थे। उसे भी अपनी तरह पढ़ी लिखी लड़की चाहिए थी। जो देखने में भी अच्छी हो और सुंदर भी हो। पर गौरव के पिताजी भानु लाल अपने दोस्त घनश्याम … Read more

 मिल गई मंज़िल…” – डॉ. सुनील शर्मा

बारहवीं का रिजल्ट आ गया. रोहित सिर्फ 64 प्रतिशत अंक पाकर जैसे टूट सा गया. वह चिकित्सा शास्त्र में दाखिला पाने के लिए जी जान से पढ़ाई कर रहा था . कोचिंग भी कर रहा था, लेकिन यह बारहवीं का रिजल्ट. किसी को क्या मुंह दिखाऊंगा… रुआंसा सा सर पकड़ कर बैठ गया. घर जाने … Read more

वह आई थी… ” – डॉ. सुनील शर्मा

पर्वतीय क्षेत्र में सुरम्य पहाड़ियों के बीच एक छोटे से अस्पताल में मेरी पहली नौकरी लगी. दो रैजिडेंट डॉक्टर और तीन विदेशी नर्सों के अलावा आर्मी से रिटायर्ड ब्रिगेडियर साहब इस सुदूर क्षेत्र के गांववासियों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध थे. विभिन्न विशेषज्ञ भी शहर से आकर अपनी सेवाएं प्रदान करते थे. चिकित्सालय … Read more

 कटपुतली – कमल राठौर

  सरिता किचन में अपने पति के लिए लंच तैयार कर रही थी।  बच्चे अभी अभी स्कूल गए थे।  बच्चों के लंच से  फ्री होकर पति का लंच बड़े प्यार से बनाने में बिजी थी।  इतने में संतोष की आवाज आई ” सरिता मेरी घड़ी कहां है ”  ?  किचन में से ही सरिता बोली … Read more

त्यौहार तो बहाना है परिवार की एकता बनाना है – सरगम भट्ट 

इस दिवाली पर रीता ने कुछ अलग ही करने को सोच रखा था , उसने पूरे परिवार को एक करने की कसम जो खा रखी है । पूरे परिवार के नफरत को खत्म करके , सबको प्यार से एक साथ देखना चाहती है । यह उसके लिए एक सपना ही था । हुआ यह था … Read more

“कोमल निष्ठुर”  – ऋतु अग्रवाल 

  “बहुत गुस्सा आता है मुझे अंकुश पर। जब देखो चेहरे पर गंभीरता का आवरण ओढ़े रहते हैं। ना कोई हँसी मजाक, ना प्रेम प्रदर्शन, ना कोई मनुहार। बस सुबह से रात तक एक निश्चित दिनचर्या। नहीं! नहीं! ऐसा नहीं कि वह अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं करते या मेरी आवश्यकताओं का ख्याल नहीं रखते। असल … Read more

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