पड़ोस भी परिवार है – डॉ. पारुल अग्रवाल
आजकल नौकरी की वजह से ज्यादातर युवा लोग अपने परिवार से दूर दूसरे शहर में रहते हैं।अधिकतर नौकरियां कंप्यूटर से संबंधित होती हैं तो ज्यादातर नवयुगल शादी के बाद रहने के लिए अपना आशियाना भी इन्हीं शहर में सोसायटी में ही बनाते हैं। वैसे भी महानगरों में मौहल्ले वाली संस्कृति खत्म हो रही है। ऐसी … Read more