पिंजरा – बालेश्वर गुप्ता

  कितना सुख है बंधन में, रजनी गंधा—      कहीं दूर से इस गाने की आवाज आ रही थी।रमेश ने पूरे घर की अकेले सफाई कर ली थी।बिटिया सोनिया का कमरा उसने बड़ी ही तन्मयता से साफ किया,कौन सी चीज सोनिया कहाँ रखती थी, वो सब उसने सोच सोच कर उसी की रुचिनुसार सजाया था। इतना करने … Read more

पुनरावृत्ति – डॉ उर्मिला सिन्हा

 घनी झाड़ियों ,ऊंचे पेड़ों से आच्छादित , शहर के कोलाहल से दूर निर्जर वन प्रांतर में बसा हुआ यह महिला महाविद्यालय मुझे अपने एकाकी जीवन जो कभी अभिशाप लगता था ; वरदान साबित हुई। यहां प्रकृति से सीधा साक्षात्कार मेरे रोम रोम में न‌ई स्फूर्ति भर देती है।     चपरासी ने एक पूर्जा आगे बढ़ाया। मैं … Read more

सांवली रंगत उस पर प्रेम का गठबंधन ,,,, – मंजू तिवारी

सुबह-सुबह प्रेरणा कॉलेज के लिए तैयार हो रही थी जहां वह पढ़ाती थी तभी मम्मी ने कहा आज तुम अपने कॉलेज में दो-तीन दिनों की छुट्टी के लिए बोल देना नाश्ता बनाते हुए उसकी मम्मी ने प्रेरणा से कहा,,,, मम्मी छुट्टी क्यों लेनी है क्या बात है।,,, पापा ने तुम्हारे लिए एक अच्छा सा लड़का … Read more

पहले पहले प्रेम का बंधन” – ऋतु गुप्ता

घर में घुसते ही देखा मेज पर एक शादी का कार्ड रखा है, उत्सुकता वश कार्ड खोलकर देखा,कार्ड पर दुल्हन के नाम में अपनी नंदिनी का नाम देखकर जी धक से रह गया, सोचा ये क्या मेरी नंदिनी ही मेरे शहर आ रही है… किसी और की दुल्हन बन कर! पता नहीं कभी कभी किस्मत … Read more

 कस्तूरी ” – रणजीत सिंह भाटिया

  बहुत ही सुहानी सुबह थी I गुनगुनी धूप निखरी  थी l पंछी चाह- चाहा  रहे थे l जसबीर रोज की तरह प्रातः भ्रमण  के लिए घर से निकला घर समुंदर के पास था,और वहां बहुत ही खूबसूरत पार्क था l जहां सुबह-सुबह लोग टहलने आते थे l जसबीर भी पार्क में चक्कर लगाने लगा, अचानक … Read more

बदलते रिश्ते – रीटा मक्कड़

कुछ दिनों से अनिता के पति की तबियत खराब चल रही थी। इधर ठंड इस बार कुछ ज्यादा ही पड़ रही थी तो इस ठंड के प्रकोप से कोई भी अछूता नही बचा था। अनिता के पति राजीव पर भी ठंड का असर कुछ ऐसा हुआ कि उनकी सर्दी ठीक होने को नही आ रही … Read more

भगवान जी,,मेरी मम्मा से बात करा दो,मैं आपको चॉकलेट दूंगा – नीतिका गुप्ता 

सफेद रंग की लाल बॉर्डर वाली साड़ी में नीता दूर से ही सभी को होली खेलते हुए देख रही है। नीता को रंग लगाने से ज्यादा छुड़ाने में होने वाली परेशानी की वजह से होली खेलने से डर लगता है।     मम्मा…. नीता ने जब आवाज की तरफ मुड़ कर देखा तो 5 साल के … Read more

एक फौजी आदमी का देश से अटूट बंधन  – मीनाक्षी सिंह

किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूँ, मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ, मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत माँ, मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ। मेरे पापा जब बी .काँम कर रहे थे तब बस उन्होने बैंक की नौकरी करने का सपना … Read more

पराये हुए अपने – मुकुन्द लाल 

 वृद्धा सुमित्रा ने अपने शरीर की जर्जर  हालत का अनुमान लगाते हुए उसने साकेत से कहा कि अब वह कुछ ही दिनों का मेहमान है इस धरती पर, कब प्राण-पखेरु इस चोला को छोड़कर उड़ जाएंगे कहना मुश्किल है। मुझे रजिस्ट्री आफिस ले चलो, तुमलोगों ने मेरी बहुत सेवा की है, जिसकी बदौलत ही मैं … Read more

किन्नर मां – गीता वाधवानी 

आज शीला किन्नर रात के समय जब वापस घर आ रही थी तो उसने तीन चार कुत्तों को किसी कपड़े पर झपटते हुए देखा और उसे कुछ आवाज भी सुनाई दी।         उसने भागकर कुत्तों को वहां से हटाया और देखा कि एक नवजात बालिका कपड़े में लिपटी हुई कूड़े में पड़ी है। कुत्ते उसे नोचने … Read more

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