मेरे पापा – बेला पुनीवाला
मुझे आज भी याद है, जब मैं छोटा था, तबसे मैं थोड़ा ज़िद्दी था, मुझे जो भी चाहिए वो मैं लेकर ही रेहता था, अगर मुझे मेरी चीज़ ना मिले तो मैं पूरा घर सिर पे उठा लेता था, माँ भी कितना समझाती थी मगर मैं किसीकी नहीं सुनता। मेरे दोस्त के पास जो … Read more