अंतिम फ़ैसला- के कामेश्वरी

रामकिशन सुबह की सैर करके आए थे । उनको आते देखते ही सुलोचना चाय बनाने चली गई । जैसे ही रामकिशन फ़्रेश होकर आए दोनों बैठकर चाय पीने लगे ।उसी समय बाहर गेट के खुलने की आवाज़ हुई ।सुलोचना उठती है और झाँक कर देखती है । यशोदा गेट खोलकर अंदर आ रही थी । … Read more

ससुर नहीं पिता हूं तुम्हारा!! – प्रियंका मुदगिल

हौसला ना हार कर सामना जहान का….. सुरेश जी ने गुनगुनाते हुए रीमा को चाय का कप पकड़ाया ” यह लो…रीमा बेटा! चाय पी लो और यह सिर्फ मैं गाना नहीं गुनगुना रहा था…. बल्कि तुम्हारे लिए कह रहा था…” “लेकिन पापा मैं कैसे सब का सामना करूं ..?आते -जाते सब लोग मुझ पर ताना … Read more

“बदलाव की लहर”  – कविता भड़ाना

दोपहर के समय मोहल्ले की सारी महिलाएं गप्पे मारती हुई ठेले वाले को घेर कर सब्जियों की खरीददारी में व्यस्त थीं की तभी सुभद्रा जी के घर का मुख्य द्वार खुला और देखा उनकी छोटी बहु गाड़ी बाहर निकाल रही हैं साथ ही सुभद्रा जी और उनकी बड़ी बहु भी गाड़ी मैं बैठ उड़नछू हों … Read more

परिवार के संस्कार और सहयोग ही समाज में बदलाव लाने की हिम्मत देते हैं। – सुल्ताना खातून 

“लागा चुनरी में दाग …….” दादी क्या ये पुराने गाने सुन रही हैं, आईए मेरे साथ डांस करें! दिव्या ने दादी को खिचते हुए बोली। तभी दरवाजा खुला और अमित अंदर आया, पिछे एक काली चादर में धूमिल, डरी सहमी सी खुबसूरत सी लड़की भी थी। तभी दादी ने ऐनक ठीक करते हुए कहा- अरे….कोन … Read more

‘ ऐसा परिवार सबको मिले ‘ – विभा गुप्ता 

  विवाह-कार्य सम्पन्न होने के बाद जब तृप्ति की विदाई का समय आया तो घर के बड़े-छोटे सभी सदस्यों की आँखें नम होने लगी।तृप्ति कभी ताईजी के सीने से लगकर रो रही थी तो कभी मानसी बुआ के गले से लिपट कर कह रही थी, बुआ, मुझे रोक लो और बुआ कहती, ” बिटिया,ये तो समाज … Read more

परिवार की एक विधवा बहू,,,, – मंजू तिवारी

हेलो छोटी बहू मैं खेतों का बटाईदार बोल रहा हूं। बड़े भैया ने खेतों के लिए पानी देने के लिए मना कर दिया है। अब खेतों में गेहूं कैसे बोया जाएगा। नमिता बटाईदार से कहती है। यदि जेठ जी खेतों के लिए पानी नहीं दे रहे तो किसी और से पानी ले लो ,,,लेकिन कोई … Read more

जेवर – अंजू निगम

“जिज्जी, क्या सोचा? मालू की दुल्हन की गोद भराई में क्या देना है? सोना तो आग पकड़े है। पुन्नी बता रही थी कि पचास के ऊपर पहुँच गया है।” “पचास के ऊपर!!!!! राम राम। मैंने तो इतने दिनों से सोना खरीदा नहीं। हमारे बखत तो  बीस के आस पास रहा होगा।” सुधा के चेहरे पर … Read more

ज्वाइंट फैमली में ब्याह–ना भई ना” – कुमुद मोहन

“सीमा। देखो अपनी इना के लिए कितना अच्छा रिश्ता आया है।” सुरेश ने घर में घुसते ही कहा।   “कौन है कहाँ से आया लड़का क्या करता है कितने भाई-बहन है?” एक सांस में सीमा बोलती चली गई। “अरे भई। जरा ठहर तो जाओ सब बताता हूँ” कहकर सुरेश ने बताया यहीं दिल्ली के बिजनेसमैन … Read more

बहु कभी बेटी नहीं हो सकती – डॉ. शशि कान्त पाराशर “अनमोल”

हमारे समाज में व्याप्त सकारात्मक सोच और नकारात्मक सोच के अनुसार “बहु का बेटी होना” यह कथन भी विचारणीय है । यह कहावत अक्सर महिलाओं के मुख से सुनने को मिलती है कि “एक बहु भी बेटी होती है !” जबकि यह कहावत व कथन केवल कहने मात्र ही है क्योंकि एक बेटी जब मायके … Read more

अनजाने में बना अनोखा परिवार

हर किसी के जीवन में ” परिवार ” बहुत महत्व रखता है, परिवार ही हमें हमारी पहचान देता है, हमें जोड़े रखता है!! परिवार का अर्थ ही ” एक दूसरे को जोड़े रखना ” है, परिवार के बिना हर कोई अकेला है !!    परिवार सामूहिक होते हैं या एकल, पर आज मैं ऐसे अजीबोगरीब तरीके … Read more

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