ज़िंदगी मेरे घर आना – के . कामेश्वरी
प्रतिमा घर का पूरा काम ख़त्म करने के बाद बैठक में आँखें बंद कर अपनी थकान मिटाने के लिए बैठी थी । सुबह से काम करते -करते थक गई थी । अब जाकर घर ख़ाली हुआ था । ट्रिंग ट्रिंग !!!!!फ़ोन की घंटी से जैसे उसे होश आया । फ़ोन उठाकर कहा हेलो!!! उधर से … Read more