आस – नीना महाजन नीर
इस नश्वर संसार से विदा ले ली थी मैंने… अस्पताल से मुझे घर ले आया गया , सब रिश्तेदार आ रहे थे धीरे-धीरे कमरे में बहनें , भाई , देवर , भाभी , चाची , मौसी , ताई सब एकत्रित हो गए थे . घर में भीड़ बढ़ती जा रही थी सब प्रशांत को सांत्वना … Read more