जमीर – विजया डालमिया
अबकी बार छुट्टियों में रैना जब गाँव आयी तो मामा को बेहद गुमसुम पाया। वो मामा जिन्होंने उसके माता-पिता के गुजरने के बाद उसे कभी भी उनकी कमी महसूस नहीं होने दी। यहाँ तक कि उन्होंने उसके लिए खुद शादी करके अपना घर भी नहीं बसाया। उसने मामा से जब उनकी उदासी की वजह पूछी … Read more