एक अजनबी जो बंध गया प्रेम के बंधन मे – किरन विश्वकर्मा
मीना जी ने चाय बनाई और टेबिल पर रखी ही थी कि दरवाज़े पर दस्तक हुई रमेश जी ने खोलकर देखा तो एक नौजवान खड़ा था, हाथ जोड़कर बोला… मै “तन्मय” पीछे से मीना जी भी आ गई। तन्मय को देखकर रमेश जी और मीना जी को उसका पहला कदम किसी सपने से कम नहीं … Read more