किसी के दिए के मोहताज नहीं है हम…… भाविनी केतन उपाध्याय
” बहू,ये साड़ी तो हम ने दीपू बिटिया को दी थी फिर यह तुम्हारे पास कैसे ? कितनी बार कहा है कि बेटियों को दिया हुआ वापस नहीं लेते ” सुमन जी ने अपनी बहू हेतल से कहा। ” मांजी,यह मैंने खुद से वापस नहीं मांगा है…. वो खुद वापस कर के गई … Read more