बेहद सुंदर धरा – विजया डालमिया
झील के किनारे बैठी धरा अपने ही ख्यालों में गुम थी। अचानक किसी की आहट से उसकी तंद्रा भंग हो गई। झील में उसे किसी की झलक दिखाई दी। एक साया धीरे-धीरे उसी की तरफ बढ़ रहा था। पर यह क्या….. वह उसे नजर-अंदाज करके आगे की ओर बढ़ चला। धीरे-धीरे वह झील के एकदम … Read more